नई दिल्ली। सरकारी पावर कंपनी Power Finance Corporation Ltd (PFC) ने जापान के Bank for International Cooperation (JBIC) के साथ 60 अरब जापानी येन (करीब ₹3,500 करोड़) का बड़ा लोन एग्रीमेंट किया है। सोमवार को कंपनी के शेयर में जबरदस्त हलचल देखी गई, जो ₹386.35 तक पहुंचा और 1.5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इस डील को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है।
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क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
PFC और JBIC के बीच यह समझौता भारत में क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। लोन का एक हिस्सा जापान के Sumitomo Mitsui Banking Corporation (SMBC) और अन्य बैंकों के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा। टोक्यो में आयोजित समारोह में PFC की CMD परमिंदर चोपड़ा और JBIC के गवर्नर नोबुमित्सु हयाशी ने हस्ताक्षर किए, जबकि SMBC इंडिया के कार्यकारी निदेशक राजीव कन्नन भी मौजूद रहे।
असली फोकस: बांस से बनेगा बायो-फ्यूल
इस लोन का इस्तेमाल खासकर असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के नए प्लांट में होगा, जो दूसरी पीढ़ी का बायो-इथेनॉल और अन्य केमिकल्स तैयार करेगा। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि फ्यूल बनाने के लिए बांस को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम न सिर्फ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत के आत्मनिर्भरता मिशन को भी समर्थन देगा।
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शेयर बाजार में असर
पिछले एक साल में PFC का शेयर 29% गिर चुका है, लेकिन पिछले पांच साल में निवेशकों को 421% का रिटर्न मिला है। स्टॉक का 52-वीक हाई ₹566.40 और लो ₹357 है। मौजूदा तेजी यह संकेत देती है कि बाजार इस डील को सकारात्मक मान रहा है और आगे और उछाल की संभावना है।
भारत-जापान संबंधों को मजबूती
यह लोन एग्रीमेंट केवल पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है। यह सौदा भारत-जापान के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, क्लीन एनर्जी मिशन को गति देगा और बांस जैसे अनोखे संसाधनों को ईंधन बनाने में उपयोग करने की दिशा में कदम उठाएगा। निवेशकों और पर्यावरण दोनों के लिए यह डील फायदेमंद साबित हो सकती है।













