summit conference : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय जापान दौरे पर शुक्रवार को टोक्यो पहुँचे। यात्रा की शुरुआत उन्होंने भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम के 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित कर की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि “दुनिया की नजरें ही नहीं, भरोसा भी भारत पर है।”
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मोदी ने कहा कि जापान तकनीक का पावरहाउस है, वहीं भारत टैलेंट का पावरहाउस है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “टेक्नोलॉजी और टैलेंट ही दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं, और भारतीय प्रतिभा व जापानी तकनीक एक-दूसरे के लिए बनी हैं।”
प्रधानमंत्री ने भारत को निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य बताते हुए कहा कि जापानी कंपनियों ने अब तक भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इनमें से केवल पिछले दो वर्षों में ही 30 अरब डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश केवल बढ़ता ही नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ जाता है।
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मोदी ने आगे कहा कि मेट्रो रेल से लेकर विनिर्माण, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप्स तक हर क्षेत्र में जापान भारत का अहम साझेदार रहा है। अब बैटरियों, रोबोटिक्स, शिपबिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को नई ऊँचाई देने का समय है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण (Global South) और विशेषकर अफ्रीका के विकास में भारत-जापान साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “हम मिलकर अफ्रीका की प्रगति में बड़ा योगदान दे सकते हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि भारत आइए और मिलकर विश्व का भविष्य बनाइए।”
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इस अवसर पर जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने भी भारत-जापान संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि “जापान की एडवांस टेक्नोलॉजी और भारत की बेहतरीन प्रतिभा एक-दूसरे की पूरक हैं। यही वजह है कि दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते लगातार बेहतर हो रहे हैं।”
मोदी की इस यात्रा के बाद वे चीन जाएंगे, जहाँ 31 अगस्त और 1 सितंबर को तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत साझा चुनौतियों का समाधान निकालने और क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने के लिए एससीओ देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।













