गुवाहाटी: असम सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में 18 वर्ष से ऊपर के वयस्कों को नए आधार कार्ड जारी नहीं करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि यह कदम अवैध प्रवासियों को रोकने और सुरक्षा कारणों से उठाया गया है। अब वयस्क नागरिक सीधे आधार के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। केवल अत्यंत दुर्लभ मामलों में जिला पुलिस और विदेशी न्यायाधिकरण की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त द्वारा आधार कार्ड जारी किया जाएगा। यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।
सरकार ने कुछ वर्गों को छूट का समय भी दिया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और चाय बागान समुदाय के सदस्यों को आधार कार्ड के लिए आवेदन करने और प्राप्त करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यदि निर्धारित समय के बाद भी आवेदन नहीं हो पाया, तो उपायुक्त संबंधित अधिकारियों से परामर्श के बाद आधार जारी कर सकते हैं।
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सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि सीमा पर लगातार अवैध प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों को रोका जा रहा है। उनका कहना है कि यह कदम इस दस्तावेज़ के जरिए अवैध प्रवेश और भारतीय नागरिकता के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
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इस फैसले के बाद राज्य में आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया कड़ी हो जाएगी। सामान्य वयस्क अब असम में नए आधार कार्ड सीधे नहीं ले सकेंगे और केवल विशेष अनुमोदित मामलों में ही आधार जारी होगा। यह निर्णय राज्य में सुरक्षा और पहचान व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।
हिमंता बिस्वा शर्मा, सीएम असम: “हम अवैध प्रवेश को रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।”
जिला उपायुक्त (असम): “सिर्फ आवश्यक और दुर्लभ मामलों में ही आधार कार्ड जारी किया जाएगा।”













