chhattisgarh liquor scam :रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विशेष अदालत ने आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
chhattisgarh liquor scam :शराब घोटाले में कुल 29 अधिकारियों को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया था, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। बाकी 28 अधिकारियों की आज विशेष अदालत में पेशी थी, लेकिन कोई भी हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने सभी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया।
chhattisgarh liquor scam :हाल ही में हाईकोर्ट ने इन अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।ईओडब्ल्यू ने जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया है उनमें उपायुक्त, सहायक आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन तोमर, मंजुश्री कसेर, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, मोहित जायसवाल, नीतू नोतानी ठाकुर, गरीबपाल सिंह दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, प्रकाश पाल, अलेख राम सिदार, आशीष कोसम, ए.के. सिंह (सेवानिवृत्त), राजेश जायसवाल, जे.आर. मंडावी (सेवानिवृत्त), जी.एस. नुरुटी (सेवानिवृत्त), देवलाल वैद्य (सेवानिवृत्त), ए.के. अनंत (सेवानिवृत्त), वेदराम लहरे (सेवानिवृत्त) और एल.एल. ध्रुव (सेवानिवृत्त) के नाम शामिल हैं।
chhattisgarh liquor scam :बी-पार्ट शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुआ। इसमें प्रदेश के 15 जिलों में सरकारी दुकानों पर बिना ड्यूटी चुकाए अवैध शराब की समानांतर बिक्री की गई। डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त शराब भेजी जाती थी और उसे वैध स्टॉक के साथ मिलाकर बेचा जाता था। इस अवैध शराब को बी-पार्ट शराब कहा गया।
chhattisgarh liquor scam :ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार लगभग 60.50 लाख पेटियां अवैध रूप से बेची गईं, जिसकी कीमत 2174 करोड़ रुपये से ज्यादा है। जांच एजेंसी का अनुमान है कि इस घोटाले का कुल आंकड़ा 3200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है।
chhattisgarh liquor scam :फिलहाल इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब तक 70 लोगों को आरोपी बनाया गया है और जांच एजेंसी अन्य संदिग्धों की भूमिका खंगाल रही है।












