actor saif ali khan : अभिनेता सैफ अली खान को झटका, 15 हजार करोड़ की शाही संपत्ति पर संग्राम : 20 से ज्यादा दावेदार, कोर्ट में फिर उलझा सबसे बड़ा पेंच

Sanjay Sahu
actor saif ali khan

actor saif ali khan : भोपाल : भोपाल के शाही परिवार की करोड़ों की संपत्ति को लेकर कानूनी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के हालिया आदेश पर रोक लगाते हुए पूरे मामले पर दोबारा सुनवाई का रास्ता खोल दिया है। यह विवाद भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की विरासत से जुड़ा है।

actor saif ali khan : 1962 में नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान को एकमात्र वारिस माना गया था। साजिदा, अभिनेता सैफ अली खान की दादी और दिवंगत क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की मां थीं। लेकिन अब नवाब के भाइयों और रिश्तेदारों के वंशज इस दावे का विरोध कर रहे हैं।

actor saif ali khan : सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फैसला

actor saif ali khan : जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चन्दुरकर की बेंच ने 8 अगस्त को सुनवाई के दौरान ओबैदुल्लाह खान के वंशज उमर फारूक अली और राशिद अली** की याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भोपाल की संपत्ति का बंटवारा मुस्लिम पर्सनल लॉ के आधार पर होना चाहिए।

actor saif ali khan : ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों में विरोधाभास

actor saif ali khan : ट्रायल कोर्ट (2000): साजिदा सुल्तान, उनके बेटे मंसूर अली खान और कानूनी वारिसों (सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा सुल्तान और शर्मिला टैगोर) के हक में फैसला। हाई कोर्ट (2024): ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि बंटवारा मुस्लिम पर्सनल लॉ के हिसाब से होना चाहिए। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 2019 रामपुर केस पर आधारित था। सुप्रीम कोर्ट (अब): हाई कोर्ट के आदेश पर रोक, मामला दोबारा विचाराधीन।

actor saif ali khan : विवाद के और भी पहलू

actor saif ali khan : हमीदुल्लाह खान की सबसे बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान** पाकिस्तान चली गई थीं। 2015 में भारत सरकार ने उनकी संपत्ति को ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित कर जब्त कर लिया। 1972 के मूल केस में भोपाल की संपत्तियों पर 20 से ज्यादा दावेदार सामने आए थे। वर्तमान में कई जमीनें भोपाल, सीहोर और रायसेन में फैली हुई हैं, लेकिन उनमें से कई बिक चुकी हैं या कब्ज़े में हैं।

actor saif ali khan : रामपुर केस का असर

actor saif ali khan : 2019 के रामपुर केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि शाही संपत्तियों के बंटवारे में महिलाओं को भी बराबरी का हिस्सा मिलेगा। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल का मामला बिल्कुल वैसा नहीं है, क्योंकि यह 1972 से चल रहा है और संपत्तियों की स्थिति बदल चुकी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भोपाल की इस शाही संपत्ति पर दावेदारी की लड़ाई और लंबी खिंचने की संभावना है।

 

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