death of pushpendra sahu : सिंगरौली : सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय पुष्पेंद्र कुमार साहू की रहस्यमयी गुमशुदगी और उसके उपरांत उनका नरकंकाल बरामद होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है दिनांक 6 जुलाई 2025 की रात को पुष्पेंद्र कुमार साहू अचानक अपने निवास से लापता हो गए थे।
death of pushpendra sahu : परिवार ने तुरंत सरई थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी और पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए बेहद लापरवाही और उदासीनता का रवैया अपनाया। पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली का नतीजा यह हुआ कि पीड़ित परिवार दर-दर भटकता रहा और आखिरकार कई दिनों के इंतजार व पीड़ा के बाद पुष्पेंद्र का नरकंकाल एक सुनसान क्षेत्र से बरामद हुआ यह घटना केवल एक गुमशुदगी या सामान्य मौत नहीं, बल्कि साफ संकेत देती है कि यह किसी पूर्व नियोजित षड्यंत्र और क्रूर अपराध का नतीजा है। जिस तरह मिट्टी और रेत के अंदर दबाकर शव को छुपाया गया, उससे यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने बड़ी निर्दयता और निर्ममता से इस वारदात को अंजाम दिया।
death of pushpendra sahu : पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल…
death of pushpendra sahu : स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि सरई थाना प्रभारी ने अपने कार्यकाल में इस गंभीर प्रकरण को हल्के में लिया। उनकी धीमी और लापरवाह कार्रवाई के कारण आज तक न तो आरोपियों की पहचान उजागर हुई और न ही गिरफ्तारी। इस सुस्त रवैये ने पीड़ित परिवार की उम्मीदें तोड़ दी हैं संगठन ने जताया आक्रोश भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस के सामने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारा संगठन सदैव जनमानस की पीड़ा और अधिकारों की रक्षा हेतु कार्य करता आया है।
death of pushpendra sahu : पुष्पेंद्र कुमार साहू की गुमशुदगी और फिर उनका नरकंकाल बरामद होना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे समाज और व्यवस्था पर सवाल है। पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही ने यह साबित कर दिया है कि न्याय के लिए आम जनता को दफ्तरों और थानों के चक्कर काटने पड़ते हैं। यदि शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी पुष्पेंद्र के परिजन आंखों में आंसू और न्याय की उम्मीद लिए आज भी अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। एक घर का चिराग इस तरह रहस्यमयी हालातों में बुझ जाना केवल एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल खड़ा कर रहा है।
death of pushpendra sahu : क्षेत्र में फैला दहशत का माहौल
death of pushpendra sahu : घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी खौफनाक वारदात के बाद भी जब पुलिस की कार्यशैली इतनी सुस्त है तो आम जनता किस पर भरोसा करे अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस इस गंभीर प्रकरण में कब तक ठोस कदम उठाती है और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय की राह प्रशस्त करती है या फिर पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों को आंदोलन की राह पर जाना पड़ेगा।









