Tariffs War : नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई अहम बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। यह मुलाकात यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने की कोशिश का हिस्सा थी। बैठक के बाद पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन को लेकर कुछ सहमति बनी है और यूरोप को चेतावनी दी कि वह प्रगति में बाधा न डाले। वहीं ट्रंप ने कहा कि “जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता।” उन्होंने यह भी बताया कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं को बातचीत की जानकारी देंगे।
ट्रंप ने कहा कि बातचीत बेहद फलदायी रही और कई मुद्दों पर सहमति बनी है, हालांकि कुछ अहम मसले अब भी बाकी हैं। दूसरी ओर पुतिन ने कहा कि ट्रंप रूस के हितों को समझते हैं।
रूस ने भारत को तेल ग्राहक के रूप में खोया: ट्रंप
बैठक के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि रूस ने भारत को एक तेल ग्राहक के रूप में खो दिया है। उन्होंने कहा कि भारत पहले रूस से लगभग 40% तेल आयात करता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वह रूस पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगे, जो “रूस के लिए विनाशकारी” साबित होंगे।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उन्होंने हाल ही में भारत से रूस के तेल आयात का हवाला देते हुए 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया था। इससे पहले 7 अगस्त को उन्होंने भारत के खिलाफ अतिरिक्त 25% टैरिफ की घोषणा भी की थी।
भारत को ही क्यों निशाना?
जब ट्रंप से पूछा गया कि चीन समेत कई देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, फिर भारत को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अभी तो सिर्फ 8 घंटे हुए हैं… देखते हैं आगे क्या होता है। आपको और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। कई अतिरिक्त प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।”
ट्रंप ने संकेत दिया कि चीन पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।













