Oil palm News:मुंगेली। पारंपरिक खेती से होने वाली कमाई, बार-बार फसल बोआई-मिंजाई और मंडियों की परेशानियों से जूझ रहे किसानों के लिए ऑयल पाम (Oil Palm) की खेती अब सुनहरा विकल्प बनकर उभर रही है। यह खेती कम मेहनत और लागत में किसानों को अधिक मुनाफा देने वाली साबित हो रही है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में किसान तेजी से ऑयल पाम की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
Oil palm News:दुल्लापुर सोनपूरी में सफलता की मिसाल
Oil palm News:दुल्लापुर सोनपूरी के किसान परिवार जामुन बाई पात्रे, राजेंद्र पात्रे और गौरव पात्रे सामूहिक रूप से 7 एकड़ जमीन पर ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं। ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी शशि साहू ने किसानों को ऑयल पाम खेती से जुड़े तकनीकी टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि यह खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।
Oil palm News:कम मेहनत, कम लागत, ज्यादा मुनाफा
Oil palm News:ऑयल पाम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लगाने के बाद 4वें वर्ष से उत्पादन शुरू हो जाता है और 25 से 30 साल तक लगातार फल की पैदावार मिलती रहती है। किसानों को बार-बार जुताई-बुवाई, कटाई और मंडी की भागदौड़ से मुक्ति मिलती है। प्रति हेक्टेयर 20 से 25 टन तक फल उत्पादन और उससे निकलने वाला तेल अन्य तिलहनों की तुलना में कई गुना ज्यादा होता है। सरकार द्वारा मूल्य निर्धारण तय होने से किसानों को उचित दाम की गारंटी रहती है। साथ ही, फसल की खरीदी सीधे संग्रहण केंद्रों के माध्यम से होती है, जिससे बिचौलियों और दलालों से छुटकारा मिलता है।

Oil palm News:क्या करें और क्या न करें
किसानों को पौधारोपण से लेकर देखभाल तक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है। पौधे 9x9x9 मीटर की दूरी पर लगाने चाहिए और नियमित सिंचाई, खाद व परागण कीटों का उपयोग करना जरूरी है। अधपके फलों की तुड़ाई न करने, पौधों को नुकसान न पहुंचाने और थाले के भीतर जुताई से बचने की सलाह दी जाती है।

Oil palm News:उर्वरक और देखभाल
Oil palm News:प्रत्येक पौधे को हर तीन महीने में संतुलित मात्रा में उर्वरक (यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश, मैग्नेशियम सल्फेट और बोरेक्स) देने की जरूरत होती है। साथ ही, हर 6 महीने में 25 किलो गोबर खाद या कम्पोस्ट डालना फायदेमंद रहता है। इससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और उत्पादन बेहतर होता है।


Oil palm News:फायदे अनेक
Oil palm News:ऑयल पाम खेती से प्रति हेक्टेयर सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक की आय संभव है। शुरुआती सालों में अंतरवर्ती फसलें लेकर अतिरिक्त आमदनी भी की जा सकती है। कम श्रम, कम रोग-कीट और सरकार से मिलने वाली सब्सिडी इसे और भी आकर्षक बनाती है।
Oil palm News:प्रियूनिक एशिया प्रायवेट लिमिटेड का योगदान
Oil palm News:ऑयल पाम प्लांटेशन और प्रोसेसिंग में विशेषज्ञ कंपनी प्रियूनिक एशिया प्रा.लि. छत्तीसगढ़ के कई जिलों – सरगुजा, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर – में किसानों को तकनीकी सहयोग दे रही है। कंपनी ने तेलंगाना में 30,000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में पौधारोपण कर रिकॉर्ड बनाया है और अब छत्तीसगढ़ में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

Oil palm News: ऑयल पाम की खेती किसानों के लिए एक ऐसा विकल्प है, जिससे वे पारंपरिक खेती की परेशानियों से बाहर निकलकर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं। कम मेहनत, कम लागत और सरकार द्वारा तय मूल्य गारंटी इसे भविष्य की सबसे फायदेमंद फसल बनाते हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के किसान ऑयल पाम खेती के जरिए खुशहाल और आत्मनिर्भर बनेंगे।










