Shiva Mahapuran : सीहोर। प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में चल रही शिवमहापुराण की ऑनलाइन कथा में शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि “जिस व्यक्ति के मन में सदैव शिव का वास होता है, वह जीवन की किसी भी कठिन घड़ी में निराश नहीं होता।” उन्होंने कहा कि नकारात्मकता और हताशा से जीवन को कभी नहीं हारना चाहिए।
उन्होंने शिवभक्ति को जीवन में दिशा देने वाला बताया और कहा कि भगवान शिव इतने भोले हैं कि केवल भाव से प्रसन्न हो जाते हैं। आयोजन स्थल पर हज़ारों श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से जुड़ते रहे। पंडित मिश्रा ने कहा कि जब तक जीवन है, तब तक शिव की भक्ति का दीप जलता रहना चाहिए।
राजेश्वरी की कहानी ने भावुक किया श्रद्धालुओं को
कथा के दौरान मिश्रा जी ने सागर जिले की एक महिला राजेश्वरी का पत्र पढ़ते हुए बताया कि कैसे उसने हताशा के बीच भी आत्महत्या नहीं की। पति और ससुराल से निकाले जाने के बाद किराए के मकान में रहकर बच्चों का पालन किया। शिवभक्ति के बलबूते बेटी की शादी कराई और अपना घर भी बनाया। मिश्रा जी बोले — “ऐसी कहानियाँ बताती हैं कि अगर श्रद्धा और धैर्य हो, तो शिव कभी किसी को खाली हाथ नहीं लौटाते।”
हनुमान जी को मिली थी कुबेर की गदा
कथा के अंतिम दिन मिश्रा जी ने बाल रूप हनुमान की कथा सुनाई, जिसमें उन्होंने बताया कि कुबेर देव ने बाल हनुमान को कौमोदकी गदा दी थी। यह गदा उनके विजय पथ का प्रतीक बनी। उन्होंने कहा कि हनुमान शिव के ही अंश हैं और शिव की भक्ति से कोई भी जीवन के हर युद्ध में विजयी बन सकता है।
शिव मानस पूजा को बताया श्रेष्ठतम
मिश्रा जी ने कहा कि शास्त्रों में मानसिक पूजन को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। बिना सामग्री के भी यदि मन शुद्ध हो और भावनाएं सच्ची हों, तो भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि “शिव को मन से याद करना ही सबसे बड़ा पूजन है।”
6 अगस्त को निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा
कुबेरश्वरधाम से 6 अगस्त को विशाल कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।











