Dabra News :डबरा /संदीप शर्मा : ग्वालियर जिले के करहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चैतगांव में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से चुप्पी साधे बैठा है। इस पूरे मामले में खनिज अधिकारी से लेकर स्थानीय नेताओं तक की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।
Dabra News :स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रेत माफियाओं और जिला प्रशासन के बीच “टेबल के नीचे का हिस्सा” समय पर पहुंचता है, इसलिए किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। मीडिया बार-बार इस मुद्दे को उजागर कर रहा है, लेकिन फिर भी प्रशासन की निष्क्रियता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
Dabra News :सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा होता है जब घाटीगांव क्षेत्र के विधायक मोहन सिंह राठौर, जो कभी अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ मुखर थे, अब खुद चुप हैं। क्या विधायक बनने के बाद विरोध की जगह समर्थन ने ले ली है? जनता के लिए यह गहरी चिंता का विषय है।** जिन प्रतिनिधियों को विकास और न्याय के लिए चुना गया, वे ही अब अगर भ्रष्टाचार और पर्यावरण विनाश के साझेदार बन जाएं तो आम नागरिक किससे उम्मीद करे?
Dabra News :जिला प्रशासन की रेत माफियाओं से सांठगांठ की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। इस बीच जब माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने खुद को नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताकर जवाब देने से इनकार कर दिया।अब सवाल ये उठता है – क्या जिले के अफसर अंधे, गूंगे और बहरे बन चुके हैं?
Dabra News :क्या ग्वालियर में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का जिम्मा अब जनता को खुद उठाना होगा?और क्या प्रकृति की इस लूट को रोकने के लिए कोई आगे आएगा?सरकार और प्रशासन को अब जवाब देना होगा।









