MP News : भोपाल: शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा “फ्रेंड्स ऑफ सोसायटी” गतिविधि क्लब के अंतर्गत एक विशेष संगोष्ठी एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की थीम थी – “वेदों में वर्णित पौधों का औषधीय, पर्यावरणीय एवं धार्मिक महत्व”, जिसे भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों से वेदों की ओर लौटने और प्राकृतिक जीवन पद्धति को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि पौधों में भी संवेदनाएं होती हैं। उनसे संवाद करना न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि अवसाद और आत्महत्या जैसे संकटों से भी बचा सकता है।”

मुख्य वक्ता डॉ. सुधीर शर्मा (संयोजक, भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ) ने भारतीय अमृतमयी चिकित्सा पद्धति पर प्रकाश डाला। उन्होंने योग, ध्यान और आयुर्वेद के माध्यम से मानसिक व शारीरिक कल्याण को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा – “हमारा शरीर मंदिर है, और हमारे ऋषियों की चिकित्सा पद्धति आज के युग में भी एलोपैथी के दुष्परिणामों से बचाने में सक्षम है।”
समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. तैयबा खातून ने साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी की रचना ‘गेहूं और गुलाब’ के ज़रिए यह संदेश दिया कि “भौतिक उन्नति के साथ ही हमें सांस्कृतिक सुगंध भी बनाए रखनी चाहिए।”

कार्यक्रम का संचालन क्लब की वॉलंटियर छात्राओं – किरन रजक, सपना मुसावत, अंजली अग्रवाल, मुस्कान नन्हैते, एलिस तिर्की एवं हफ़्सा ज़माँ ने उमंग और दक्षता के साथ किया। डॉ. उषा कुकरेती के निर्देशन में आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में 45 छात्राओं ने भाग लिया।
आभार प्रदर्शन वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया।











