EOW : रायपुर। कोयला परिवहन में हुई करोड़ों की अवैध वसूली के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी देवेंद्र डडसेना को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को डडसेना को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 7 दिन की ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेज दिया गया है। अब EOW उससे कोयला घोटाले में उसकी भूमिका और पैसों के लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी।
डडसेना पर क्या हैं आरोप…
EOW के मुताबिक देवेंद्र डडसेना ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के साथ मिलकर कोयला ट्रांसपोर्टर्स से करीब 100 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल राजनीतिक कार्यों और चुनावी खर्चों में किया गया। डडसेना लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी को इस घोटाले में बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है।
Read More : High-Profile Thugs : सरकारी अफसर’ बनकर करता था खौफ की वसूली! CBI ने उठाया रायपुर में हाई-प्रोफाइल ठगी का पर्दा, कोर्ट ने रिमांड बढ़ाई
क्या है कोयला घोटाले का पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया था कि छत्तीसगढ़ में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच एक संगठित नेटवर्क के जरिए कोयला ट्रांसपोर्टर्स से प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। यह घोटाला तब शुरू हुआ जब खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने एक आदेश जारी कर कोयले के ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर दिया। इसके बाद हर परमिट और ट्रांसपोर्ट पास केवल उसी व्यापारी को मिलता था, जो कथित वसूली की रकम चुका देता था। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया है, जिसके माध्यम से पूरे राज्य में कोयला परिवहन से जुड़ी परमिट प्रक्रिया को ‘पे-टु-प्ले’ बना दिया गया था।
कितना हुआ था नुकसान…
ED की रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे रैकेट के जरिए करीब 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई थी। यह राशि कथित रूप से राजनीतिक नेताओं, अफसरों को घूस देने, चुनाव प्रचार और निजी संपत्तियों की खरीद में खर्च की गई।
Read More : BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत : पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
EOW की अगली कार्रवाई क्या होगी..
सूत्रों के मुताबिक देवेंद्र डडसेना से पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी भूमिका अब तक जांच के दायरे में नहीं थी। EOW अब डडसेना से कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, रामगोपाल अग्रवाल और अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठकें, पैसों का लेनदेन और दस्तावेजों की जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगी।
यह गिरफ्तारी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाने वाली मानी जा रही है।













