Thursday, August 20, 2026
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High-Profile Thugs : सरकारी अफसर’ बनकर करता था खौफ की वसूली! CBI ने उठाया रायपुर में हाई-प्रोफाइल ठगी का पर्दा, कोर्ट ने रिमांड बढ़ाई

#nishaanebaz.com (8)
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High-Profile Thugs : रायपुर। राजधानी रायपुर में CBI ने एक हाई-प्रोफाइल ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को जीएसटी विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कारोबारियों से मोटी रकम वसूलता था। आरोपी की पहचान अनिल गुप्ता के रूप में हुई है, जो खुद को “GST कमिश्नर मिश्रा” बताकर न सिर्फ व्यापारियों को डराता-धमकाता था, बल्कि उनके टैक्स और लाइजनिंग मामलों में सीधा हस्तक्षेप भी करता था।

34 लाख की वसूली, दर्जनों से ‘सेटलमेंट’ के नाम पर ठगी
अनिल गुप्ता पर आरोप है कि उसने एक स्थानीय कारोबारी लालचंद अठवानी से 34 लाख रुपये की अवैध वसूली की। उसने अठवानी को यह कहकर डराया कि उसके खिलाफ GST और CBI जांच चल रही है और “ऊपर से” मामला नहीं सुलझा तो कार्रवाई हो सकती है। सेटलमेंट के नाम पर भारी दबाव बनाकर यह रकम हड़पी गई।

पूछताछ में कई नाम और खुलासे, राजधानी से बाहर तक फैला है रैकेट का जाल
CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अनिल गुप्ता इस फर्जीवाड़े में अकेला नहीं था। एजेंसी को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं जो संकेत देते हैं कि यह महज एक व्यक्ति का कृत्य नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क की गतिविधि का हिस्सा है, जिसकी पहुंच राजधानी से बाहर कई शहरों तक फैली हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क ने विभिन्न शहरों में व्यापारियों और उद्यमियों को निशाना बनाया। इस प्रक्रिया में कुछ स्थानीय दलाल और कथित ‘लाइजनिंग एजेंट्स’ की संदिग्ध भूमिका भी सामने आ रही है, जिनकी जांच अब तेज कर दी गई है। इन एजेंट्स के माध्यम से कथित रूप से सरकारी पद का झांसा देकर मोटी रकम की वसूली की जाती थी।

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हालांकि CBI ने अभी तक औपचारिक रूप से किसी अन्य आरोपी के नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इनपुट्स के आधार पर यह स्पष्ट है कि मामला बहुत बड़ा और बहुस्तरीय है। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर CBI ने कोर्ट से अनिल गुप्ता की रिमांड अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अब उन्हें 21 जुलाई तक CBI हिरासत में भेज दिया है।

इस दौरान CBI की टीमें रैकेट से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पड़ताल, कॉल रिकॉर्ड्स की जांच, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम इस जांच के दायरे में आ सकते हैं।

कोर्ट ने तीन दिन की और रिमांड दी
CBI ने अदालत से आरोपी की रिमांड मांगी थी ताकि उसके मोबाइल, डिवाइसेज और नेटवर्क से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की जा सके। कोर्ट ने CBI को तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड दे दी है।

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