छतरपुर। Nishaanebaz.com-Chhatarpur White Python Sighting: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद हैरान करने वाली और दुर्लभ घटना सामने आई है। बागेश्वर महाराज की ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ के अंतिम दिन क्षेत्र में करीब 8 फीट लंबा सफेद अजगर दिखाई दिया, जिसे देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों के होश उड़ गए। अजगर का सामान्य भूरे या पीले रंग के बजाय पूरी तरह सफेद और असामान्य रंग देखकर सर्प पकड़ने वाले रेस्क्यू विशेषज्ञ भी दंग रह गए।
रथयात्रा के समापन के दौरान मची अफरातफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रथयात्रा के समापन से जुड़े आयोजनों और कार्यक्रमों के दौरान अचानक स्थानीय लोगों की नजर इस विशालकाय सफेद अजगर पर पड़ी। आमतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले अजगर गहरे भूरे, काले या पीले चित्तीदार रंग के होते हैं, लेकिन इस अजगर का रंग बिल्कुल अलग और अनोखा था। भीड़भाड़ वाले इलाके में दुर्लभ सांप के दिखने से तुरंत हड़कंप मच गया और इसकी सूचना वन विभाग के साथ स्थानीय सर्प विशेषज्ञों को दी गई।
कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित किया गया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। भारी जनसमूह और लोगों की मौजूदगी के बीच टीम ने बेहद सावधानी और सूझबूझ का परिचय देते हुए अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू अभियान में शामिल सर्प विशेषज्ञों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवनकाल में पहली बार इस तरह का पूर्णतः सफेद अजगर देखा है। इस दुर्लभ सांप की कुल लंबाई करीब 8 फीट आंकी गई है।
आखिर क्यों सफेद होता है ऐसा अजगर
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा करते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह अल्बिनो पायथन (Albino Python) हो सकता है। विज्ञान के अनुसार, ‘अल्बिनिज्म’ (Albinism) एक आनुवंशिक स्थिति है, जिसमें जीव के शरीर में ‘मेलेनिन’ (Melanin) नामक वर्णक (पिगमेंट) का उत्पादन बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता है। इसी जैविक कमी के कारण कुछ जीवों की त्वचा, बाल या शल्क सामान्य से काफी हल्के या सफेद दिखाई देते हैं। हालांकि, हर सफेद सांप अल्बिनो ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसकी वैज्ञानिक पुष्टि के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों और वेटरनरी डॉक्टरों द्वारा विस्तृत जांच आवश्यक होती है। फिलहाल, छतरपुर में मिले इस दुर्लभ सफेद अजगर की चर्चा पूरे क्षेत्र में प्रमुखता से बनी हुई है।