Tiger Shroff Car Firing Incident: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद चर्चा में आई लग्जरी गाड़ियों की सुरक्षा; जानिए बुलेटप्रूफिंग की तकनीक और उसका भारी-भरकम खर्च

VIKASH KHALKHO

मुंबई/इंटरटेनमेंट डेस्क। Nishaanebaz.com-Tiger Shroff Car Firing Incident: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। लोकप्रिय एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ जब अपनी लग्जरी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार से गुजर रहे थे, तब कुछ अज्ञात हमलावरों ने अचानक उनकी गाड़ी पर गोलियां चला दीं। गनीमत यह रही कि इस खतरनाक हमले में टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित बच गए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के सामने आने के बाद से ही देश भर में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वीवीआईपी और सेलिब्रिटीज द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ये लग्जरी कारें सुरक्षा के मामले में कितनी मजबूत होती हैं और किसी सामान्य गाड़ी को बुलेटप्रूफ बनाने की प्रक्रिया क्या है।

BMW की गाड़ियां होती हैं कितनी सेफ

ऑटोमोबाइल जानकारों के अनुसार, BMW जैसी लग्जरी कारें अपने बेजोड़ सेफ्टी फीचर्स और प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं। इन गाड़ियों के ढांचे (Frame) को तैयार करने में हाई-स्ट्रेंथ स्टील, एल्युमिनियम और मजबूत कंपोजिट मैटेरियल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है, जो किसी भी दुर्घटना या एक्सीडेंट के वक्त कार के भीतर बैठे यात्रियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।BMW की कारें जनवरी से हो जाएंगी महंगी, जानें नई गाड़ी खरीदने पर कितना ज्यादा करना होगा खर्च - India TV Hindi

इसके अलावा, इन गाड़ियों में एडवांस्ड एयरबैग्स, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), क्रैश सेंसर्स और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं। हालांकि, कंपनी की ये स्टैंडर्ड कमर्शियल गाड़ियां सामान्य हादसों और टक्कर को तो आसानी से झेल लेती हैं, लेकिन सीधे तौर पर किसी असॉल्ट राइफल या गनफायर से बचने के लिए कार का स्पेशल आर्मर्ड (Armored) होना अनिवार्य होता है।

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कार को बुलेटप्रूफ बनाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक

किसी भी सामान्य कार को बुलेटप्रूफ या बैलिस्टिक प्रूफ बनाने के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाता है:

  • बैलिस्टिक ग्लास: गाड़ी के सामान्य शीशों को हटाकर कई लेयर वाले मल्टी-लेयर बुलेटप्रूफ शीशे लगाए जाते हैं, जो गोलियों की तीव्र रफ्तार और उनके प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर देते हैं।

  • मजबूत बॉडी पैनल्स: कार के दरवाजों, छत, फर्श और बॉडी पैनल्स के भीतर केवला (Kevlar), अरैमिड फाइबर और हाई-ग्रेड बैलिस्टिक स्टील की मजबूत परतें जोड़ी जाती हैं।

  • रन-फ्लैट टायर्स: इन गाड़ियों में विशेष रन-फ्लैट टेक्नोलॉजी वाले टायर लगाए जाते हैं, जो गोली लगने या पूरी तरह पंचर होने के बाद भी वाहन को सैकड़ों किलोमीटर तक सुरक्षित गति से भगाने में सक्षम होते हैं।

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tiger shroff buys bmw 3 series gran limousine of worth Rs 60 lakh । Tiger Shroff ने खरीदी नई महंगी BMW कार, कीमत इतनी; फीचर्स जोरदार | Hindi Newsकितना आता है बुलेटप्रूफ मॉडिफिकेशन का खर्च

 यदि कोई व्यक्ति आफ्टरमार्केट अपनी कार में बुलेटप्रूफिंग कराना चाहता है, तो इसका खर्च सुरक्षा के स्तर (Security Level) पर निर्भर करता है:

  1. बेसिक लेवल सुरक्षा: भारत में छोटे हथियारों और पिस्तौल की गोलियों से बचाने वाली बेसिक बुलेटप्रूफिंग का खर्च लगभग 25 लाख से 40 लाख रुपये तक आता है।

  2. हाई-लेवल सुरक्षा: यदि एके-47 (AK-47) जैसी घातक असॉल्ट राइफलों और ग्रेनेड धमाकों से बचने के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा चाहिए, तो इसका खर्च 50 लाख से 1 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक हो सकता है। यह काम केवल सरकार द्वारा अधिकृत और सर्टिफाइड स्पेशलाइज्ड एजेंसियां ही करती हैं।

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कंपनी-फिटेड आर्मर्ड कारों की कीमत और विकल्प

आफ्टरमार्केट मॉडिफिकेशन के अलावा, BMW जैसी कंपनियां खुद अपनी ‘प्रोटेक्शन सीरीज’ के तहत फैक्ट्री-फिटेड बुलेटप्रूफ गाड़ियां तैयार करती हैं; जैसे BMW 7 Series Protection या X5 Protection VR6 मॉडल। बाहर से देखने में ये गाड़ियां आम लग्जरी कारों जैसी ही नजर आती हैं, लेकिन अंदर से किसी सुरक्षित किले से कम नहीं होतीं। इनमें कंपनी की तरफ से ही VR6 या VR9 लेवल की बैलिस्टिक सुरक्षा मिलती है, जो गोलियों के साथ-साथ बारूदी सुरंगों और बम धमाकों को भी आसानी से झेल सकती हैं। भारत में ऐसी कंपनी-फिटेड आर्मर्ड कारों की कुल कीमत टैक्स और इम्पोर्ट ड्यूटी मिलाकर लगभग 10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये के बीच होती है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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