Tuesday, September 29, 2026
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Chhattisgarh band : मिशनरी सक्रियता और प्रशासनिक पक्षपात के खिलाफ आर-पार की जंग, छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान

Chhattisgarh band : रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ती सामाजिक अशांति, जनजातीय परंपराओं पर हो रहे प्रहार और कथित सुनियोजित धर्मांतरण के विरोध में ‘सर्व समाज’ ने आगामी 24 दिसंबर 2025 को संपूर्ण ‘छत्तीसगढ़ बंद’ का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि प्रदेश के कई हिस्सों में ईसाई मिशनरियों और कन्वर्जन से प्रेरित समूहों द्वारा एक निश्चित पैटर्न के तहत तनाव पैदा किया जा रहा है, जिससे वर्षों पुरानी सामाजिक समरसता खतरे में पड़ गई है।

Chhattisgarh band : आंदोलन का मुख्य केंद्र कांकेर जिले की आमाबेड़ा घटना को बनाया गया है। सर्व समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आमाबेड़ा में जनजातीय समाज की आस्था और ग्राम सभा की संवैधानिक सुरक्षा की खुलेआम अनदेखी की गई है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जिला पुलिस और प्रशासन ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

Chhattisgarh band : इस बंद के माध्यम से सर्व समाज ने सीधे तौर पर कांकेर एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एसडीएम ए.एस. पैकरा और तहसीलदार सुधीर खलखो को निशाने पर लिया है। मांग की गई है कि पक्षपातपूर्ण व्यवहार और ग्रामीणों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने के आरोप में इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और इनके विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच शुरू की जाए। संगठन का कहना है कि प्रशासनिक संरक्षण के कारण ही भीम आर्मी जैसे बाहरी संगठनों ने क्षेत्र में अशांति फैलाने का साहस किया है।

Chhattisgarh band : प्रमुख मांगों में राज्य में ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ को तत्काल और सख्ती से लागू करना शामिल है, ताकि अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही, आमाबेड़ा घटना में शामिल भीम आर्मी और ईसाई समूहों के दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। सर्व समाज ने स्पष्ट किया है कि जब तक ग्रामीणों पर दर्ज “झूठे” आपराधिक प्रकरण वापस नहीं लिए जाते और हिंसा पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Chhattisgarh band : बंद के स्वरूप को लेकर आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होगा। यह आंदोलन किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। सर्व समाज ने प्रदेश की जनता, व्यापारियों और संगठनों से इस बंद को सफल बनाने का आग्रह किया है ताकि शासन-प्रशासन तक समाज की एकजुटता का संदेश पहुंच सके।

Chhattisgarh band : चेतावनी दी गई है कि यदि 24 दिसंबर के बंद के बाद भी सरकार और प्रशासन मांगों पर विचार नहीं करते हैं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल, प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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