भोपाल/नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Madhya Pradesh IAS Promotion: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक महकमे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। राज्य को जल्द ही 13 नए आईएएस (IAS) अधिकारी मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्मिक विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के कुल 39 अधिकारियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से योग्य अफसरों को आईएएस अवॉर्ड किया जाएगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के बीच 4 अधिकारियों के नामों पर विवाद भी गर्मा गया है।
9 महिला अफसरों समेत इन नामों पर हो रही है चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीपीसी की इस बैठक में विचार किए जा रहे नामों में कई वरिष्ठ और प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। इस पूरी सूची में 9 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। जिन प्रमुख अफसरों के नामों पर चर्चा चल रही है, उनमें –
- जीएडी (GAD) के उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवत
- राज्य निर्वाचन आयोग में उप सचिव मनोज मालवीय
- परिवहन विभाग के उप सचिव कमल चंद्र नागर
- शहडोल जिला अपर कलेक्टर मिनिषा पांडेय
- भोपाल जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी
- इंदौर संभाग उपायुक्त (रेवेन्यू) सपना एम लोवंशी
- बुरहानपुर अपर कलेक्टर नीता राठौर
- शाजापुर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह सोलंकी
- लोकायुक्त कार्यालय (भोपाल) उप सचिव रानी पासी
- आयुष विभाग उप सचिव रंजना देवड़ा
- महिला एवं बाल विकास विभाग उप सचिव माधवी नागेंद्र
- पर्यावरण विभाग में उप सचिव और मध्य प्रदेश पीसीबी प्रभारी सदस्य सचिव वर्षा सोलंकी
- माध्यमिक शिक्षा मंडल में तैनात अतिरिक्त सचिव प्रियंका गोयल
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चार नामों पर विवाद और आपत्तियों ने बढ़ाई हलचल
चर्चा के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इन संभावित नामों में से 4 अधिकारियों पर अलग-अलग तरह के विवाद जुड़े हुए हैं। इनमें विशेष रूप से महीप किशोर तेजस्वी और सपना एम लोवंशी के नाम पर विवाद की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों के अनुसार, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने महीप किशोर तेजस्वी के नाम पर अपनी आपत्ति जताई है। वहीं, सपना एम लोवंशी के नाम को लेकर एक आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) इन आपत्तियों से पूरी तरह वाकिफ है या नहीं। डीपीसी की इस बैठक के बाद आने वाले परिणामों पर पूरे प्रशासनिक तंत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।