Friday, August 21, 2026
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C.G News : 2300 पदों के लिए सड़कों पर शिक्षक अभ्यर्थी! डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन जारी

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शेष 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे डीएड योग्य अभ्यर्थियों का आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। महीनों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे ये युवा अब अपनी जान दांव पर लगाकर संघर्ष कर रहे हैं।

आमरण अनशन ने बढ़ाई चिंता

24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को कृष्णा साहू समेत आठ अभ्यर्थी कमजोरी और भूख के कारण बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अभनपुर और माना स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक ठंड, लंबे उपवास और मानसिक तनाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

अदालतों के आदेश, फिर भी कार्रवाई शून्य

आंदोलनकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (2 अप्रैल 2024 व 26 सितंबर 2025) और सुप्रीम कोर्ट (28 अगस्त 2024) पहले ही शासन को स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद नियुक्तियां न होना अदालती आदेशों की अवहेलना के समान है।

बीएड समायोजन के बाद भी डीएड की अनदेखी

अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने 2621 बीएड धारकों को अन्य पदों पर समायोजित कर दिया, लेकिन इसके बाद खाली हुए पदों पर डीएड योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया गया, जबकि प्राथमिक शिक्षा के लिए वही पात्र हैं।

200 से ज्यादा युवा भूख हड़ताल पर

फिलहाल आंदोलन स्थल पर 200 से अधिक अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। खुले आसमान के नीचे, सीमित संसाधनों में यह संघर्ष जारी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा।

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विधानसभा तक गूंजा मुद्दा

17 दिसंबर 2025 को यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी उठा, जहां विधायक रिकेश सेन ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

  • कोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन

  • 2300 रिक्त पदों पर तुरंत नियुक्ति

  • भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अनशनकारी को गंभीर नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह आंदोलन अब सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि न्याय और संवेदनशीलता की परीक्षा बन चुका है।

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