Gardening Tips: चावल धोने के बाद बचने वाले पानी को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन इसे पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल के पानी में स्टार्च के साथ कुछ पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो मिट्टी और पौधों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इसे कुछ प्राकृतिक चीजों के साथ फर्मेंट करके घर पर लिक्विड फर्टिलाइजर भी तैयार किया जा सकता है।
चावल का फर्मेंटेशन
चावल पकाने से पहले उसे 2 से 3 बार धोने पर जो पानी निकलता है, उसे साफ प्लास्टिक बोतल या कंटेनर में जमा कर लें। फर्मेंटेशन के दौरान गैस बन सकती है, इसलिए कंटेनर को पूरा न भरें और ऊपर कुछ जगह खाली रखें।
संतरे के छिलके और अंडे के छिलके मिलाएं
अब इसमें छोटे टुकड़ों में कटे संतरे या किन्नू के छिलके डाले जा सकते हैं। इसके बाद साफ किए हुए, सूखे और बारीक किए गए अंडे के छिलके मिलाएं। अंडे के छिलकों में कैल्शियम होता है, जो पौधों के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है।
गुड़ डालकर करें फर्मेंटेशन
फर्मेंटेशन के लिए इसमें 1 से 2 चम्मच गुड़ मिलाया जा सकता है। गुड़ की शर्करा फर्मेंटेशन प्रक्रिया को बढ़ावा देती है। कंटेनर को बंद रखें, लेकिन रोजाना थोड़ी देर ढक्कन खोलकर अंदर बनी गैस को बाहर निकालें। करीब 7 से 10 दिनों में यह मिश्रण तैयार हो सकता है।
पौधों में सीधे न डालें
तैयार लिक्विड को बिना पानी मिलाए पौधों की मिट्टी में डालने से बचें। इस्तेमाल से पहले करीब 1 भाग फर्मेंटेड लिक्विड में 10 भाग सादा पानी मिलाएं। इसे हर 15 से 20 दिन में एक बार पौधों की मिट्टी में दिया जा सकता है। गुलाब, गुड़हल, टमाटर और मिर्च जैसे पौधों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान दें यह जानकारी सामान्य गार्डनिंग टिप्स पर आधारित है। किसी भी खाद या फर्टिलाइजर का इस्तेमाल पौधे की जरूरत के अनुसार और सावधानी से करें।






