विश्व फेफड़ा दिवस 2026 के मौके पर फेफड़ों की सेहत को लेकर जागरूक रहना जरूरी है। शरीर में होने वाले कुछ बदलाव ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय उनकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
लंबे समय तक खांसी रहना
खांसी अगर कई हफ्तों तक बनी रहे या ठीक होने के बाद बार-बार लौट आए, तो इसकी वजह पर ध्यान देना चाहिए। संक्रमण, एलर्जी, अस्थमा समेत कई स्थितियों में लगातार खांसी हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक रहने वाली खांसी को सिर्फ मौसम का असर मानकर टालना सही नहीं है।
रोजमर्रा के काम में सांस फूलना
पहले आसानी से होने वाले काम जैसे सीढ़ियां चढ़ना या सामान्य गति से चलना अब मुश्किल लगने लगे और सांस जल्दी फूलने लगे, तो यह ध्यान देने वाला बदलाव है। लगातार बढ़ती सांस फूलने की समस्या के पीछे फेफड़ों या हृदय से जुड़ी कई वजहें हो सकती हैं, इसलिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
सीने में जकड़न और घरघराहट
सांस लेते समय सीने में भारीपन, जकड़न या दर्द महसूस होना कई कारणों से हो सकता है। वहीं सांस के साथ सीटी जैसी आवाज यानी घरघराहट वायुमार्ग में संकुचन या सूजन से जुड़ी हो सकती है। अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें।
बार-बार संक्रमण और असामान्य थकान
बार-बार ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसे श्वसन संक्रमण होना भी डॉक्टर से चर्चा करने की वजह हो सकता है। इसी तरह बिना अधिक मेहनत के लगातार थकान महसूस होना भी कई स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। इन लक्षणों का मतलब सीधे फेफड़ों की बीमारी नहीं है, लेकिन इनके बने रहने या बढ़ने पर जांच कराना समझदारी है।