Recipe: अचार भारतीय खाने का ऐसा हिस्सा है जो साधारण दाल-चावल या रोटी-सब्जी का स्वाद भी बढ़ा देता है। अगर आपको तीखा और चटपटा स्वाद पसंद है, तो बिहार के मिथिला क्षेत्र में बनाया जाने वाला हरी मिर्च का अचार एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। इसमें हरी मिर्च के साथ सरसों के तेल, राई और खटाई का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे अचार में तीखापन, खट्टापन और मसालों की खुशबू का खास मेल तैयार होता है।
इस अचार की खासियत इसका देसी और आसान तरीका है। इसे तैयार करने के लिए हरी मिर्च को अच्छी तरह साफ करके सुखाना जरूरी है, ताकि उसमें नमी न रहे। इसके बाद मसालों को मिलाकर सरसों के तेल के साथ मिर्च में अच्छी तरह लपेटा जाता है। साफ और सूखे कांच के जार में भरकर इसे सही तरीके से रखने पर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
मिथिला के अचार में क्या है खास?
मिथिला के पारंपरिक खान-पान में सरसों के तेल और मसालों का खास महत्व है। हरी मिर्च के अचार में भी यही स्वाद प्रमुखता से महसूस होता है। राई अचार को मसालेदार स्वाद देती है, जबकि खटाई इसमें हल्का खट्टापन जोड़ती है। सरसों के तेल की खुशबू इसे बाकी सामान्य मिर्च के अचार से अलग स्वाद देती है।
घर पर ऐसे तैयार करें हरी मिर्च का अचार
सबसे पहले ताजी हरी मिर्च को धोकर अच्छी तरह सुखा लें और जरूरत के अनुसार बीच से काट लें। अब राई और दूसरे जरूरी मसालों को तैयार करके उनमें खटाई मिलाएं। इसमें सरसों का तेल डालकर मिश्रण तैयार करें और मिर्च के साथ अच्छी तरह मिला दें। तैयार अचार को पूरी तरह सूखे और साफ कांच के जार में भरें।
लंबे समय तक खराब होने से कैसे बचाएं?
अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए नमी से बचाना सबसे जरूरी है। जार और इस्तेमाल होने वाला चम्मच पूरी तरह सूखा होना चाहिए। अचार को हमेशा साफ-सूखे स्थान पर रखें और हर बार निकालते समय सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। अगर अचार में बदबू, फफूंद या असामान्य बदलाव दिखाई दे तो उसे खाने से बचें।






