Raipur News:रायपुर। शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न गतिविधियों तथा उपलब्ध अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारंभ (नवीन छात्र उन्मुखीकरण) कार्यक्रम का आयोजन 22 सितंबर 2026 को पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल ऑडिटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण एवं पूजन से हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेश मूणत, माननीय विधायक, रायपुर पश्चिम तथा विशिष्ट अतिथि श्री ओंकार बैस, अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमिताभ बनर्जी ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार एवं अतिथियों द्वारा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. अमिताभ बनर्जी ने कहा कि महाविद्यालयीन शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन के अनुभवों से विद्यार्थी जो सीखते हैं, वह दुनिया की कोई भी पुस्तक उन्हें नहीं सिखा सकती।
विशिष्ट अतिथि श्री ओंकार बैस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने विवेक से कार्य करें और ऐसे कार्य करें, जिनसे उनके माता-पिता तथा महाविद्यालय को गर्व हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि श्री राजेश मूणत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने वाली व्यापक नीति है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए कल्पनाशक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “सोच मेरी है, कल्पना मेरी है और लक्ष्य मेरा है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं लक्ष्य के अनुरूप दिशा निर्धारित करते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि NEP विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उनकी रचनात्मकता, सोच, कौशल और व्यक्तित्व के समग्र विकास पर बल देती है।
इसके पश्चात राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के संबंध में डॉ. प्रवीण देवांगन द्वारा विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई। वहीं IQAC की गतिविधियों एवं महाविद्यालय में इसकी भूमिका के संबंध में डॉ. वर्षा करंजगांवकर ने जानकारी दी।
Raipur News: इस अवसर पर महाविद्यालय की ‘मनीषा’ पत्रिका तथा ई-मैगज़ीन का विमोचन भी किया गया। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं कौशल विकास के लिए महाविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। गणित विभाग द्वारा ‘Vedic Mathematics’ विषय पर 30 घंटे का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 12 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। वहीं अंग्रेजी विभाग द्वारा ‘Personality Development in the Context of Indian Knowledge System’ विषय पर 30 घंटे का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न छात्र गतिविधियों से भी अवगत कराया गया। विभागाध्यक्षों तथा NCC, NSS एवं Sports से संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।
Raipur News:कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रमीय, व्यक्तित्व विकास एवं कौशल विकास की गतिविधियों से जोड़ना रहा। विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ उठाने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।






