Chhattisgarh Health Workers: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संयोजकों के बढ़ते ऑनलाइन काम और डेटा एंट्री को लेकर कर्मचारी संघ ने शासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक ऑनलाइन कार्य के लिए जरूरी संसाधन और संसाधन भत्ते की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक स्वास्थ्य संयोजक मूल स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा अतिरिक्त ऑनलाइन डेटा एंट्री का काम नहीं करेंगे।संघ ने इस मांग को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी CMHO के माध्यम से स्वास्थ्य सचिव और संचालक स्वास्थ्य सेवाओं के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला किया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष टारजन गुप्ता और प्रदेश सचिव प्रवीण ढीडवंशी के अनुसार स्वास्थ्य संयोजक मैदानी स्तर पर कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने में भूमिका निभाते हैं। इनमें हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना, सर्वेक्षण, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।संघ का कहना है कि इन जिम्मेदारियों के साथ अब स्वास्थ्य कर्मचारियों से अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा एंट्री और रिपोर्टिंग का काम भी कराया जा रहा है। कर्मचारी संगठन इसी अतिरिक्त डिजिटल कार्यभार को लेकर संसाधनों की मांग कर रहा है।
संघ ने उठाया सवाल- स्वास्थ्य सेवा या डेटा एंट्री?
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश जायसवाल का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा दर्ज करना अलग-अलग तरह के काम हैं। उनके अनुसार यदि मैदानी कर्मचारी अपने काम का ज्यादा समय ऑनलाइन एंट्री और रिपोर्टिंग में लगाएंगे, तो इसका असर मैदानी स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।संघ के पदाधिकारी अमृतलाल टुंडे और आरके शर्मा ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया कि स्वास्थ्य कर्मियों से प्राथमिकता के तौर पर स्वास्थ्य सेवाएं ली जाएं या लगातार डेटा एंट्री का काम कराया जाए।
कंप्यूटर से लेकर इंटरनेट तक संसाधनों की मांग
कर्मचारी संघ का कहना है कि ऑनलाइन काम के लिए कई जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। संघ ने कंप्यूटर, लैपटॉप या टैबलेट, इंटरनेट, मोबाइल डेटा, तकनीकी प्रशिक्षण और लॉगिन सुविधा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।इसके अलावा ऑनलाइन डेटा एंट्री के लिए कर्मचारियों को निर्धारित कार्य समय देने की मांग भी की गई है। संघ का कहना है कि डिजिटल काम के लिए स्पष्ट व्यवस्था होने से कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव कम किया जा सकता है।
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निजी मोबाइल और इंटरनेट खर्च पर जताई आपत्ति
संघ के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश पटेल और आईटी सेल प्रभारी संतलाल साहू ने कहा कि सरकारी काम के लिए कर्मचारियों को अपने निजी मोबाइल और इंटरनेट डेटा का खर्च उठाना उचित नहीं है।संघ के अनुसार यदि ऑनलाइन डेटा एंट्री और डिजिटल रिपोर्टिंग को नियमित कार्य का हिस्सा बनाया गया है, तो विभाग को इसके लिए जरूरी तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। साथ ही इंटरनेट और मोबाइल डेटा जैसे खर्चों के लिए संसाधन भत्ते का स्पष्ट प्रावधान करने की मांग की गई है।
निजी समय में काम करने का भी दावा
संघ के उपाध्यक्ष मिर्जा कासिम बेग और महामंत्री आरके अवस्थी के अनुसार ऑनलाइन कार्य का अतिरिक्त दबाव बढ़ने के कारण कई कर्मचारियों को मैदानी गतिविधियां पूरी करने के बाद अपने निजी समय में डेटा एंट्री करनी पड़ती है।संघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। संगठन ने आशंका जताई है कि लगातार बढ़ते डिजिटल कार्यभार का असर मूल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
सभी जिलों में CMHO को सौंपेंगे ज्ञापन
अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन देगा। यह ज्ञापन जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से स्वास्थ्य सचिव और संचालक स्वास्थ्य सेवाओं के नाम सौंपा जाएगा।संघ ने ऑनलाइन काम से जुड़े संसाधन, भत्ता, प्रशिक्षण और कार्य समय सहित कई मांगें शासन के सामने रखी हैं।
संघ की प्रमुख मांगें क्या हैं?
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने शासन से मुख्य रूप से इन व्यवस्थाओं की मांग की है:
- ऑनलाइन कार्य के लिए कंप्यूटर, टैबलेट और अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
- डेटा एंट्री, इंटरनेट और मोबाइल डेटा के लिए संसाधन भत्ते का प्रावधान किया जाए।
- ऑनलाइन डेटा एंट्री के लिए निर्धारित कार्य समय तय किया जाए।
- कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण और जरूरी लॉगिन सुविधा दी जाए।
- ऑनलाइन और मैदानी स्वास्थ्य सेवाओं के कार्यभार का व्यवस्थित विभाजन किया जाए।
- मैदानी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त ऑनलाइन काम का बोझ कम किया जाए।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ संसाधनों की मांग
संघ की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज बाघमार और उपाध्यक्ष रामशीला साहू का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारी जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, संगठन का कहना है कि मैदानी जिम्मेदारियों के साथ बढ़ रहे डिजिटल काम को देखते हुए शासन को जरूरी संसाधन और उचित कार्य व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने शासन से अपनी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। अब सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद इस मामले में शासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।






