Stock Market Crash: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- शुक्रवार 11 सितंबर को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़े शेयर भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।इस गिरावट का सीधा असर बाजार के कुल मूल्य पर पड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बीएसई का बाजार मूल्य करीब 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी करीब 230 अंक यानी 1 फीसदी गिरकर 23,255 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं बीएसई सेंसेक्स करीब 637 अंक यानी 0.87 फीसदी की गिरावट के साथ 74,265.32 पर कारोबार करता दिखाई दिया।बाजार के प्रमुख सूचकांकों में इस कमजोरी के बीच कई बड़े शेयर भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। मेटल क्षेत्र में खास तौर पर बिकवाली का दबाव ज्यादा नजर आया।
22 दिग्गज शेयर लाल निशान में
बीएसई के प्रमुख 30 शेयरों वाले सूचकांक में भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 30 में से सिर्फ 8 शेयर मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि बाकी 22 शेयर गिरावट में रहे।बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयर भी दबाव में रहे।इन बड़े शेयरों में गिरावट का असर पूरे बाजार की चाल पर पड़ा, क्योंकि बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों पर भी दबाव आता है।
मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुक्रवार के कारोबार में मेटल क्षेत्र में बिकवाली ज्यादा दिखाई दी। इस क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी ने बाजार की गिरावट को और बढ़ाया।टाटा स्टील में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण अलग-अलग क्षेत्रों के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
Read More: What is BRICS: भारत समेत 11 देश क्यों जुड़े हैं BRICS से? जानिए इसका इतिहास और मकसद
बीएसई का बाजार मूल्य 5 लाख करोड़ घटा
बाजार में गिरावट का असर बीएसई के कुल बाजार मूल्य पर भी पड़ा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीएसई का बाजार मूल्य करीब 483 लाख करोड़ रुपये से घटकर 478 लाख करोड़ रुपये रह गया।यानी बाजार मूल्य में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव कितना व्यापक रहा।हालांकि, बाजार मूल्य में बदलाव को सीधे हर निवेशक के वास्तविक नुकसान के बराबर नहीं माना जा सकता। शेयरों की कीमतों में बदलाव के साथ कुल बाजार मूल्य भी ऊपर-नीचे होता रहता है।
लोअर सर्किट और 52 हफ्ते के निचले स्तर पर शेयर
शुक्रवार के कारोबार में कई शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बीएसई पर करीब 120 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे, जबकि लगभग 70 शेयर अपर सर्किट पर कारोबार करते दिखे।इसके अलावा 117 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। वहीं करीब 68 शेयर 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर भी पहुंचे।इससे पता चलता है कि बाजार में जहां एक ओर व्यापक कमजोरी थी, वहीं कुछ शेयरों में खरीदारी भी बनी हुई थी।
निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर
शेयर बाजार में अचानक आई इस गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब आगे के कारोबार पर रहेगी। सेंसेक्स और निफ्टी की अगली चाल के साथ बड़े शेयरों में खरीदारी लौटती है या बिकवाली का दबाव जारी रहता है, यह बाजार की दिशा के लिए अहम होगा।ऐसे उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों के लिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।






