BRICS Summit 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- दिल्ली में BRICS Summit 2026 की औपचारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन से पहले BRICS बिजनेस फोरम का आयोजन हुआ, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे।बिजनेस फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, तकनीक और बदलती दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा हुई। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बहुप्रतीक्षित मुलाकात को लेकर भी कार्यक्रम सामने आ गया है।
शनिवार शाम शी जिनपिंग से मिलेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम करीब 5:45 बजे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। शी जिनपिंग शनिवार दोपहर करीब 12:25 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।दोनों नेताओं के बीच बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि भारत और चीन के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं।BRICS सम्मेलन के मंच पर दोनों नेताओं की बातचीत से आर्थिक और कारोबारी संबंधों को लेकर भी संकेत मिलने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने बताया BRICS की ताकत
BRICS बिजनेस फोरम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने समूह की वैश्विक व्यापार में भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि BRICS दुनिया के कुल व्यापार में करीब एक-चौथाई हिस्सेदारी रखता है।उन्होंने भारत को BRICS देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। गोयल के मुताबिक भारत के विनिर्मित सामान के निर्यात में इंजीनियरिंग उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा योगदान है।उन्होंने भारत की दवा उद्योग में मजबूत स्थिति का भी उल्लेख किया। भारत को दुनिया की ‘फार्मेसी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि BRICS देशों को भारतीय उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखा जा रहा है।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | Speaking at BRICS Business Forum, Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal says, “BRICS today represents almost one-fourth of global trade. India is an important pillar of the intra-bricks trade. Engineering goods and electronics account for… pic.twitter.com/VuyGAhNtj6
— ANI (@ANI) September 11, 2026
भारत ने BRICS देशों से की बाजार खोलने की अपील
पीयूष गोयल ने BRICS के सदस्य और साझेदार देशों से अपने बाजारों को अधिक खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापार को बढ़ाने के लिए नियमों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सामान की मंजूरी जल्द करने की दिशा में मिलकर काम करने की जरूरत है।इसका सीधा उद्देश्य BRICS देशों के बीच कारोबार को आसान बनाना और भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार तैयार करना है। भारत इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाओं और दूसरे उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के अवसर तलाश रहा है।
जयशंकर बोले- दुनिया में बढ़ रही अस्थिरता
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी BRICS बिजनेस फोरम में बदलते वैश्विक माहौल पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था इस समय बड़े बदलावों से गुजर रही है।उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, महामारी और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के आर्थिक असर का जिक्र किया। जयशंकर के अनुसार मौजूदा दौर में अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता बढ़ी है।उनके मुताबिक तेजी से बढ़ती डिजिटल तकनीक और तकनीकी बदलाव आर्थिक विकास, उत्पादकता और तरक्की के नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | At BRICS Business Forum, External Affairs Minister Dr S Jaishankar says, “India brings a large and growing market, expanding manufacturing capabilities, deeper pools of talent, digital experience and a dynamic innovation and entrepreneurial base. As… pic.twitter.com/VVFnINyVWK
— ANI (@ANI) September 11, 2026
जोखिम के साथ नए अवसर भी सामने
जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल में जोखिम और अवसर दोनों बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में देशों के लिए बदलती परिस्थितियों का पहले से अनुमान लगाना, उनके अनुसार खुद को ढालना और जरूरत पड़ने पर तेजी से प्रतिक्रिया देना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।BRICS बिजनेस फोरम में दिए गए इन संदेशों से साफ है कि सम्मेलन में केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक और वैश्विक आर्थिक सहयोग पर भी खास ध्यान रहने वाला है।
अब मोदी-शी मुलाकात पर टिकी नजर
BRICS Summit 2026 के दौरान होने वाली प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पर खास नजर रहेगी। चीन के राष्ट्रपति के शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंचने के बाद शाम को दोनों नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग पहले से ही महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में बैठक के दौरान द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत से आगे की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।BRICS बिजनेस फोरम में भारत ने जहां व्यापार बढ़ाने और बाजार खोलने की बात रखी है, वहीं विदेश मंत्री ने बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच सहयोग और नई रणनीति की जरूरत पर जोर दिया है। अब सबकी नजर शनिवार को होने वाली मोदी-शी मुलाकात पर रहेगी।







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