[nishaanebaz.com] Bhopal News: भोपाल। राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में संचालित दुकानों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट से दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने फिलहाल दुकानों की सीलिंग पर रोक लगा दी है। यानी अगली सुनवाई तक नगर निगम की ओर से इस मामले में सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद लगातार विरोध कर रहे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है और बाजारों के सामान्य रूप से खुलने का रास्ता साफ हुआ है।
सीलिंग के विरोध में तीन दिन बंद रहीं हजारों दुकानें
भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई पिछले कुछ समय से जारी है। कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने तीन दिनों तक अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया था।इस दौरान शहर के कई बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। जानकारी के मुताबिक, भोपाल में करीब 3 हजार दुकानों पर कार्रवाई हो चुकी है। वहीं लगातार विरोध के बीच सीलिंग अभियान के चौथे दिन यानी गुरुवार को नगर निगम की ओर से कोई नई कार्रवाई नहीं की गई।
तीन दिनों में 190 दुकानों पर सीलिंग
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान तीन दिनों में करीब 190 दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई थी। दुकानदारों का कहना था कि लंबे समय से संचालित प्रतिष्ठानों को अचानक सील किए जाने से कारोबार और रोजगार पर असर पड़ रहा है।विरोध बढ़ने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां दुकानदारों की ओर से सीलिंग कार्रवाई को चुनौती दी गई। अब कोर्ट ने अगली सुनवाई तक सीलिंग पर रोक लगा दी है।
एक महीने में 8 हजार से ज्यादा दुकानों को नोटिस
नगर निगम ने पिछले करीब एक महीने में 8 हजार से ज्यादा दुकानदारों और प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिस में रहवासी भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित नियमों के मुताबिक व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो नगर निगम की ओर से सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद कई दुकानदारों ने खुद ही अपने प्रतिष्ठानों के बाहर दुकान बंद करने संबंधी पोस्टर और बैनर भी लगाए थे।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है मामला
दुकानों की सीलिंग और रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद पहले भी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।अब एक बार फिर कोर्ट ने सीलिंग कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है। इससे फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई पर ब्रेक लग गया है।
15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सभी की नजरें 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं। तब कोर्ट मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का रुख तय कर सकता है।फिलहाल रोक के कारण दुकानदारों को तत्काल राहत मिली है और सीलिंग की कार्रवाई को लेकर बनी अनिश्चितता कुछ समय के लिए टल गई है।
CM मोहन यादव बोले- स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास जारी
मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह वर्षों पुरानी समस्या है और सरकार इसका स्थायी एवं बेहतर समाधान निकालने की दिशा में प्रयास कर रही है।सरकार और नगर निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी संपर्क किया गया है। अब सरकार और नगर निगम की आगे की रणनीति पर भी नजर रहेगी।सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद फिलहाल भोपाल के दुकानदारों को सीलिंग कार्रवाई से राहत मिली है। हालांकि, रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का यह विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और 15 सितंबर की सुनवाई को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






