E-Commerce Fraud Gang Busted in Noida: नोएडा (उत्तर प्रदेश)। नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने ई-कॉमर्स कंपनियों और आम ग्राहकों को बड़ा चूना लगाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसी नामचीन ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के महंगे ऑर्डर की डिलीवरी के दौरान पार्सल से असली सामान निकालकर उसमें सस्ता सामान या रद्दी भर देता था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके कब्जे से करीब 75 लाख रुपये मूल्य का चोरी किया गया सामान बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी और फरार सहयोगियों की पहचान
डीसीपी (नोएडा) साद मियां खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- वारिस खान (गिरोह का मुख्य सरगना)
- सुनील कुमार
- विजय सिंह
- धर्मेंद्र
- सूरज सिंह
मामले में दो अन्य आरोपी—भूपेंद्र और असलम उर्फ राजू खान—फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पिछले 3 से 4 महीनों से सक्रिय था।
- पार्सल से छेड़छाड़: ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी और ट्रांजिट प्रक्रिया के दौरान गिरोह के सदस्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ब्रांडेड कपड़े और हेल्थ प्रोडक्ट्स वाले पार्सल को बड़ी ही सफाई से खोलते थे।
- सामान की अदला-बदली: असली और महंगे सामान को निकालकर उसकी जगह रद्दी, पत्थर या बेहद सस्ता सामान भर दिया जाता था और पार्सल को दोबारा कंपनियों के फर्जी टैग व पैकिंग मैटेरियल से सील कर दिया जाता था।
- बाजार में बिक्री: चोरी किए गए ब्रांडेड और महंगे सामानों को गिरोह के सदस्य खुले बाजार में सस्ते दामों पर बेचकर अवैध कमाई करते थे। इससे ग्राहकों और विक्रेता ई-कॉमर्स कंपनियों दोनों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा था।
75 लाख का माल और उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में चोरी किया गया सामान जब्त किया है। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- भारी मात्रा में प्रीमियम प्रोटीन सप्लीमेंट्स
- ब्रांडेड जूते और कपड़े
- हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और स्मार्ट डिवाइसेस
- बच्चों के वायरलेस डिवाइस
- कान की मशीनें और डिजिटल बीपी मॉनिटरिंग मशीनें
- विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों के फर्जी टैग, क्यूआर कोड और सीलिंग पैकिंग सामग्री।
सेक्टर-20 थाने में मुकदमा दर्ज, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
डीसीपी के अनुसार, इस पूरे मामले में थाना सेक्टर-20 में संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पूछताछ में सरगना वारिस खान ने स्वीकार किया कि गिरोह में हर सदस्य का काम बंटा हुआ था—कुछ सदस्य डिलीवरी नेटवर्क से सामान चुराते थे, जबकि अन्य उसे बाजार में ठिकाने लगाते थे।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार ई-कॉमर्स कंपनियों के किन-किन डिलीवरी बॉयज या लॉजिस्टिक्स हब से जुड़े हुए थे।




