Tikamgarh Hospital:जमील खान \टीकमगढ़। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों के निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शुरू होती है, लेकिन कई चिकित्सक दोपहर तक अस्पताल नहीं पहुंचते। इसका सबसे अधिक खामियाजा दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें घंटों इंतजार के बाद भी उपचार नहीं मिल पा रहा है।
सुबह से डॉक्टरों का इंतजार करते रहे मरीज
जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कई मरीजों का कहना है कि निर्धारित समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते। मरीज और उनके परिजनों का आरोप है कि सुबह से पर्ची बनवाकर डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन कई बार लंबे इंतजार के बाद भी चिकित्सक नहीं आते। मजबूरी में कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट जाते हैं।
दूर-दराज से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
Tikamgarh Hospital: अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। कई लोग सुबह-सुबह लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उनका पूरा दिन अस्पताल में ही बीत जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।
हड्डी रोग विभाग को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें
मरीजों के अनुसार सबसे अधिक दिक्कत हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक) में देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल में तीन हड्डी रोग विशेषज्ञ पदस्थ होने के बावजूद मरीजों का आरोप है कि डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती। सुबह से लाइन में लगे मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कई बार उन्हें बिना परामर्श के ही वापस लौटना पड़ता है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
Tikamgarh Hospital: लगातार मिल रही शिकायतों ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल आम लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद होता है, लेकिन यदि डॉक्टर ही समय पर उपलब्ध नहीं होंगे तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिलेंगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
Tikamgarh Hospital: स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की सख्ती से निगरानी हो और निर्धारित समय पर ड्यूटी नहीं करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि मरीजों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।




