Singrauli Civic Tragedy: सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से प्रशासनिक दावों और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर की हकीकत को उजागर करने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। जिले के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुधमनियां में पक्की सड़क और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण परिजनों को अपने 16 वर्षीय मृत बेटे के शव को खाट पर रखकर आधा किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से पैदल ले जाना पड़ा।
बारिश के कारण दलदल में तब्दील हो चुके रास्ते की वजह से अंतिम यात्रा की गरिमा भी कीचड़ में डूब गई, जिससे समूचे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।
एंबुलेंस व वाहन पहुंचने का रास्ता बंद, खाट बनी सहारा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुधमनियां निवासी राजमोहन सिंह के 16 वर्षीय पुत्र सुनील सिंह की असमय मृत्यु हो गई थी। दुख की इस घड़ी में परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गांव की जर्जर और कच्ची सड़क बन गई। पहली तेज बारिश के बाद ही गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गया था, जिसके चलते कोई भी वाहन या शव वाहन गांव के भीतर तक नहीं पहुंच सका।
मजबूरी में परिजनों और गांव के लोगों ने बालक के शव को बांस की खाट पर लिटाया और अपने कंधों पर उठाकर आधा किलोमीटर तक दलदल और कीचड़ से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
हर मानसून में टापू बन जाता है गांव, मरीज और प्रसूताएं भी परेशान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दुधमनियां गांव के लिए यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल मानसून शुरू होते ही गांव का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता है।
गांव में पक्की सड़क न होने के कारण न केवल अंतिम यात्राओं में इस तरह की पीड़ा झेलनी पड़ती है, बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाने में भी खाट या डोली का सहारा लेना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जनप्रतिनिधियों व प्रशासन पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
“विकास की गंगा बहने” के सरकारी दावों के बीच सामने आई इस तस्वीर ने स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के दावों की पोल खोलकर रख दी है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन आज तक गांव को एक पक्की सड़क तक नसीब नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
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दुधमनियां गांव तक तत्काल पक्की ऑल-वेदर सड़क का निर्माण कराया जाए।
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सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण किया जाए।
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आपातकालीन स्थितियों के लिए गांव में सुगम पहुंच मार्ग सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
मामला मीडिया में उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना पर संज्ञान लेने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि गांव में सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी और जल्द ही रास्ता दुरुस्त कराया जाएगा।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें कागजी आश्वासनों की बजाय जमीनी स्तर पर ठोस काम चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने परिजन की अंतिम विदाई के समय इस तरह का अपमान और दर्द न सहना पड़े।




