Gwalior Pet News: ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। कहते हैं अपनापन केवल इंसानों तक सीमित नहीं होता, कई बार कोई बेजुबान पक्षी भी पूरे परिवार की धड़कन बन जाता है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक ऐसा ही भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अलकापुरी इलाके में रहने वाला अनिल ओझा का परिवार अपनी चहेती मादा तोता (मिट्ठू) ‘शकुंतला’ के बिछड़ने के गम में डूबा हुआ है। परिवार के लिए शकुंतला महज एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि घर की सबसे दुलारी सदस्य थी।
खुली खिड़की से उड़ी खुशियां, दादी-पोती ने कम किया खाना-पीना
ओझा परिवार के सदस्यों के मुताबिक, शकुंतला को कभी पिंजरे में कैद करके नहीं रखा जाता था। वह पूरे घर में आज़ादी से घूमती थी, हर सदस्य के कंधे पर बैठती थी और उसकी मीठी आवाज से ही घर की सुबह हुआ करती थी। लेकिन बीते दिनों घर की एक खिड़की खुली रह जाने के कारण मिट्ठू शकुंतला अचानक उड़ गई।
शकुंतला के जाते ही घर की खुशियां गायब हो गई हैं। स्थिति यह है कि घर की बुजुर्ग दादी की आंखें दिन-रात दरवाजे पर टिकी रहती हैं और मासूम पोती हर आहट पर दौड़कर यह देखने जाती है कि कहीं उसकी मिट्ठू वापस तो नहीं आ गई। दोनों ने दुख के कारण खाना-पीना बेहद कम कर दिया है और रो-रोकर शकुंतला का इंतजार कर रही हैं।
50 हजार का इनाम, शहरभर में पोस्टर और मुनादी
अपने घर की लाडली को किसी भी कीमत पर वापस पाने के लिए परिवार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है:
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50,000 रुपये का इनाम: परिवार ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति उनकी मिट्ठू शकुंतला को सुरक्षित ढूंढकर लाएगा या उसकी सटीक जानकारी देगा, उसे 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
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पोस्टर और पोस्टर अभियान: ग्वालियर की गलियों, चौराहों और प्रमुख स्थानों पर शकुंतला की तस्वीर वाले पोस्टर चिपकाए गए हैं।
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ई-रिक्शा से मुनादी: ई-रिक्शा चालकों के माध्यम से पूरे शहर में लाउडस्पीकर पर मुनादी कराई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह बात पहुंचे।
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सोशल मीडिया अभियान: परिवार के सदस्य सोशल मीडिया पर भी वीडियो और तस्वीरें साझा कर आम जनता से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
पूरे शहर में अनोखी तलाश की चर्चा
आज ग्वालियर में इस अनोखी और भावुक तलाश की चर्चा हर जुबान पर है। रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति से परिवार का एक ही सवाल होता है— “क्या आपने हमारी शकुंतला को कहीं देखा है?”
ई-रिक्शा से मुनादी कर रहे चालक सोनू ने बताया कि परिवार अपनी लाडली मिट्ठू के लिए बहुत परेशान है और हर संभव प्रयास कर रहा है। परिवार को अब भी उम्मीद है कि एक दिन शकुंतला उड़कर अपने घर वापस आ जाएगी और उसके साथ ही इस घर की खोई हुई हंसी और रौनक लौट आएगी।




