Bilaspur Highway Connectivity: बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। न्यायधानी बिलासपुर के नागरिकों को जल्द ही ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलने जा रही है। शहर में लगातार बढ़ रही आबादी और वाहनों के दबाव को ध्यान में रखते हुए 827.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 32 किलोमीटर लंबी फोरलेन रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के आकार लेने से शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित होगा और स्थानीय यातायात सुगम व सुरक्षित हो सकेगा।
तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात
परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के उद्देश्य से केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान तोखन साहू ने बिलासपुर शहर में बढ़ते यातायात के दबाव और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा से अवगत कराया। उन्होंने लगभग 827.20 करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति में तेजी लाने और निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने का कड़ा आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिला सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बिलासपुर की इस महत्वपूर्ण मांग को गंभीरता से सुनते हुए प्रस्ताव पर अत्यंत सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने संबंधित उच्च अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सांसद तोखन साहू ने मीडिया को बताया:
“केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस जनहितकारी प्रस्ताव पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि 32 किमी फोरलेन रिंग रोड के निर्माण से बिलासपुर के आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलेगी और शहर के समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।”
तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी फोरलेन रिंग रोड
यह प्रस्तावित फोरलेन रिंग रोड बिलासपुर के परिवहन तंत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। यह परियोजना तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में एकीकृत करेगी:
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NH-130 (रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग)
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NH-130A (बिलासपुर-मुंगेली-कवर्धा मार्ग)
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NH-49 (बिलासपुर-रायगढ़-झारसुगुड़ा मार्ग)
इन तीनों राजमार्गों के आपस में जुड़ने से अंतरराज्यीय और अंतर-जिले के भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन शहर के बाहर-बाहर अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।
औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
बिलासपुर छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और शैक्षणिक केंद्रों में से एक है। रिंग रोड बनने से शहर के बाहरी औद्योगिक क्षेत्रों, नए विकसित हो रहे व्यावसायिक परिसरों और आवासीय कॉलोनियों के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
इससे न केवल यात्रा के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर के अंदर होने वाले सड़क हादसों में भी भारी कमी आएगी। बिलासपुर वासियों के लिए यह परियोजना आने वाले दशकों के सुनहरे भविष्य की आधारशिला साबित होगी।







