CWG 2026 India Medal Tally: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में एथलेटिक्स और जूडो में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में कई पदक डाल दिए। जैवलिन थ्रो में स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं जूडो में अस्मिता डेय और हर्ष सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जैवलिन थ्रो में भी देखने को मिला। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने पुरुषों के फाइनल में 85.83 मीटर का अपना सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और सिल्वर मेडल जीता।हालांकि स्वर्ण पदक श्रीलंका के रुमेश तरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के शानदार थ्रो के साथ अपने नाम किया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी प्रयास तक गोल्ड की टक्कर बनी रही।
यशवीर सिंह ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। भारत के युवा भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो कर करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया।यशवीर का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
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नीरज का आखिरी प्रयास रहा फाउल
फाइनल मुकाबले में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, लेकिन नीरज चोपड़ा का अंतिम प्रयास फाउल हो गया। यदि उनका अंतिम थ्रो सफल रहता तो मुकाबला और रोमांचक हो सकता था। इसके बावजूद उन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीतकर एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली।
जूडो में अस्मिता डेय ने रचा इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जूडो में भी जारी रहा। 23 वर्षीय अस्मिता डेय ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेडी क्वाच को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया।इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।
हर्ष सिंह ने भी दिलाया गोल्ड
अस्मिता की ऐतिहासिक जीत के करीब 30 मिनट बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन एक बार फिर देखने को मिला। हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज़ को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।इसके साथ ही हर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए।
36 साल का इंतजार हुआ खत्म
1990 में जूडो को पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक स्पर्धा में शामिल किया गया था। तब से भारत ने कई पदक जीते, लेकिन स्वर्ण पदक का इंतजार जारी था।अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन करते हुए अस्मिता डेय और हर्ष सिंह ने 36 साल का यह इंतजार खत्म कर दिया। उनकी उपलब्धि भारतीय जूडो के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
भारत की पदक तालिका को मिला बड़ा फायदा
जैवलिन थ्रो में दो और जूडो में दो स्वर्ण सहित कुल चार बड़े पदकों ने भारत की पदक तालिका को मजबूत किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं और देश के लिए और पदक जीत सकते हैं।




