Janjgir Champa Cyber Crime: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। 11वीं बटालियन में पदस्थ एक आरक्षक ने अपने ही साथी पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन चोरी कर उसके बैंक खाते से 4.87 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और उसने चोरी की पूरी रकम गेम खेलने में खर्च कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
Janjgir Champa Cyber Crime: पुलिस के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज निवासी आरक्षक सुधीर कुमार सिंह 11वीं बटालियन, जांजगीर में पदस्थ हैं। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई कि 23 अप्रैल 2026 की रात उन्होंने अपना वीवो Y21 मोबाइल बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। ड्यूटी पर जाने से पहले जब वे मोबाइल लेने पहुंचे तो वह गायब मिला।
Janjgir Champa Cyber Crime: कुछ दिन बाद जरूरत पड़ने पर उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो खाते से 24 अप्रैल से 3 मई 2026 के बीच अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4,87,911 रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
Janjgir Champa Cyber Crime: आधार नंबर से बनाई UPI ID
Janjgir Champa Cyber Crime: तकनीकी जांच के दौरान पुलिस का संदेह 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव पर गया। घटना के बाद से उसका बटालियन परिसर में नहीं होना भी पुलिस के शक का कारण बना। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
Janjgir Champa Cyber Crime: पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल में मौजूद आधार नंबर का इस्तेमाल कर नई UPI ID बनाई और बैंक खाते से कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से 4.87 लाख रुपये निकाल लिए। उसने यह भी स्वीकार किया कि पूरी रकम ऑनलाइन गेम खेलने में खर्च कर दी।
आईटी एक्ट और BNS के तहत कार्रवाई
आरोपी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-C और 66-D के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
Janjgir Champa Cyber Crime: पुलिस की अपील
Janjgir Champa Cyber Crime: साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत सिम कार्ड बंद कराएं, बैंक और UPI सेवाओं को सूचित करें तथा संबंधित खातों को तत्काल सुरक्षित कराएं, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।







