Dharmendra Pradhan Resign: राजधानी दिल्ली से आ रही एक बड़ी खबर के अनुसार, इस वक्त एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश में लगातार पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मोदी सरकार में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है।इसके साथ ही आज उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। उनके अनुसार उन्होंने नीट-यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच यह अहम् और जरुरी फैसला लिया है।
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा था। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जुटे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही थी। आंदोलनकारियों का कहना था कि, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा, सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई थी। प्रदर्शन के बीच आज केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का तीसरा दौर होने वाला है। इससे पहले शुक्रवार को हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। CJP की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को प्रमुख थी।
Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns.”…To ensure that anti-national elements are not benefitted by the situation at Jantar Mantar and across the country, that the nation remains united, students in India do not get tangled in legal complexities and focus on… https://t.co/sbtiMMhrgp pic.twitter.com/DPdZwn8q7i— ANI (@ANI) July 25, 2026
इस बाबत धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी और कभी इस मुद्दे से पीछे नहीं हटे। उनके अनुसार, उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से प्रभावित न हो।पोस्ट में यह भी कहा गया कि देश की एकता बनी रहे, छात्र कानूनी विवादों में न उलझें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेजने का निर्णय लिया।
जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और CJP से जुड़े प्रदर्शनकारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारी लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सामने आने के बाद आंदोलन और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। पिछली बैठकों में किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई थी। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह माना जा रहा है कि आगे की बातचीत पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

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