Excise Department Action in Rajnandgaon: राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से इस वक्त एक बड़ी प्रशासनिक और दंडात्मक खबर सामने आ रही है। शासकीय मदिरा दुकानों में मदिरा प्रेमियों से तय सरकारी कीमत से अधिक दर (Overrating) पर शराब बेचने के गंभीर मामलों का पर्दाफाश होने के बाद राज्य आबकारी विभाग ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत, कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है। इसमें एक वृत्त प्रभारी (सब इंस्पेक्टर) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि जिले के मुख्य आबकारी अधिकारी को शो-कॉज नोटिस थमाया गया है।
दुर्ग उड़नदस्ता ने ‘बोगस ग्राहक’ भेजकर पकड़ी चोरी
यह पूरी कार्रवाई संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग की टीम द्वारा गोपनीय तरीके से की गई। टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि राजनांदगांव की कुछ दुकानों में ग्राहकों से तय मूल्य से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। इस पर टीम ने औचक निरीक्षण की योजना बनाई और सामान्य ग्राहकों (Dummy Customers) को मदिरा दुकानों में भेजा, जिसके बाद यह पूरी गड़बड़ी रंगे हाथों पकड़ी गई।
इन दो दुकानों में उजागर हुई अनियमितता
जांच के दौरान मुख्य रूप से शहर की दो कंपोजिट मदिरा दुकानों में सीधे तौर पर शासन के नियमों का उल्लंघन पाया गया:
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मंडी बाइपास लखोली रोड दुकान: यहां 2 जुलाई को जांच के दौरान पाया गया कि दुकान में पदस्थ मल्टीवर्कर शुभम कुमार भोईर ने शासन द्वारा निर्धारित 120 रुपये प्रति नग वाली ‘जम्मू स्पेशल व्हिस्की’ की 20 बोतलें बेच दीं। इसके लिए वैध नियम के अनुसार 2400 रुपये लिए जाने थे, लेकिन कर्मचारी ने ग्राहक से जबरन 2500 रुपये वसूल लिए।
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रेवाडीह कम्पोजिट दुकान क्रमांक एक: इस दुकान में पदस्थ सेल्समैन हरीश साहू ने भी इसी तर्ज पर हेराफेरी की। उसने ‘सुप्रीम डीलक्स व्हिस्की’ के 20 नग पाव (Quarter), जिनकी सरकारी कीमत 2400 रुपये थी, उन्हें 2500 रुपये में बेचा। दोनों ही मामलों में प्रति पेटी 100 रुपये की अतिरिक्त अवैध वसूली की जा रही थी।
आबकारी विभाग: दोषी अधिकारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई
| अधिकारी का नाम और पद | प्रभार क्षेत्र | की गई दंडात्मक कार्रवाई | कार्रवाई का मुख्य कारण |
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श्री दिलीप कुमार प्रजापति (आबकारी उप निरीक्षक) |
रेवाडीह व संबंधित वृत्त प्रभारी | तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) | कर्तव्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और मातहत कर्मचारियों पर शिथिल नियंत्रण। |
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श्री राजेश शर्मा (जिला आबकारी अधिकारी – DEO) |
संपूर्ण राजनांदगांव जिला प्रभार | कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) | प्रभार क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण न रख पाना। 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण अनिवार्य। |
जिम्मेदार पदों पर बैठे अफसरों पर कड़ा प्रहार
आबकारी आयुक्त कार्यालय ने साफ किया है कि दुकानों में काम करने वाले प्लेसमेंट कर्मचारियों की मनमानी के लिए सीधे तौर पर वहां के प्रभारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। रेवाडीह दुकान के प्रभारी और वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक दिलीप कुमार प्रजापति को उनके क्षेत्र में इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता पाए जाने के कारण निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ ही, जिला आबकारी अधिकारी (DEO) राजेश शर्मा को अपने प्रभार क्षेत्र में ढीला नियंत्रण रखने और पर्यवेक्षकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि वे 7 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग की इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई से प्रदेश भर की मदिरा दुकानों के प्रबंधकों और आबकारी अमले में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राजस्व को चूना लगाने और आम उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ, आखें मूंदकर बैठने वाले बड़े अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है और मांग की है कि ऐसी औचक जांचें लगातार जारी रहनी चाहिए।







