Ratlam Fake Marriage Bureau: रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शादी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक को कथित तौर पर फर्जी मैरिज ब्यूरो के जाल में फंसाकर उत्तर प्रदेश की युवती से शादी कराई गई। शादी के बाद युवती करीब एक महीने तक ससुराल में रही, परिवार का विश्वास जीता और फिर आधी रात घर में रखे लाखों रुपये के नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गई। बाद में जब उसके दस्तावेजों की जांच कराई गई तो उसका नाम और पता भी फर्जी निकला। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी की तलाश में फंसा युवक
मामला रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का है। बड़ी सरवन निवासी प्रितेश रेगा के परिवार वाले लंबे समय से उसके लिए रिश्ते तलाश रहे थे, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद शादी तय नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान प्रितेश की मुलाकात जावरा क्षेत्र के नंदू उर्फ नंदलाल से हुई।नंदू ने दावा किया कि वह अपने साथी विकास बोरी के साथ मिलकर एक मैरिज ब्यूरो संचालित करता है और ऐसे युवकों की शादी करवाता है जिन्हें रिश्ता मिलने में परेशानी होती है। इसके बदले उन्होंने तय फीस लेने की बात कही।
व्हाट्सएप पर दिखाई लड़कियों की तस्वीरें
Ratlam Fake Marriage Bureau: आरोप है कि नंदू और विकास ने प्रितेश को व्हाट्सएप पर कई युवतियों की तस्वीरें दिखाईं, लेकिन उसे संदेह था। इसके बाद दोनों ने भरोसा दिलाया कि वे उसे लड़की से व्यक्तिगत रूप से मिलवाएंगे।कुछ दिनों बाद प्रितेश अपने जीजा प्रमोद मंडावरिया के साथ उत्तर प्रदेश के चंदौली पहुंचा, जहां उसे सुमन नाम की युवती दिखाई गई। परिवार की मौजूदगी में बातचीत हुई और प्रितेश ने शादी के लिए हामी भर दी।
रतलाम में हुई शादी, परिवार का जीता विश्वास
बताया गया कि 4 मई 2025 को रतलाम में प्रितेश और सुमन की शादी कराई गई। शादी के बाद सुमन करीब एक महीने तक ससुराल में रही। इस दौरान उसने परिवार के सभी सदस्यों का विश्वास जीत लिया और घर की पूरी व्यवस्था को समझ लिया।पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी दौरान उसने यह भी पता लगा लिया कि घर में नकदी और जेवर कहां रखे जाते हैं।
आधी रात कैश और जेवर लेकर फरार
Ratlam Fake Marriage Bureau: परिजनों के अनुसार, करीब एक महीने बाद देर रात जब सभी लोग सो रहे थे, तब सुमन घर में रखे लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गई। सुबह परिवार की आंख खुली तो बहू और कीमती सामान दोनों गायब थे।
पीड़ित प्रितेश का कहना है कि शादी कराने के नाम पर नंदू और विकास ने उससे करीब चार लाख रुपये की मांग की थी। उसने अलग-अलग किश्तों में करीब 3.75 लाख रुपये यूपीआई और बैंक खाते के माध्यम से ट्रांसफर किए थे।
जांच में फर्जी निकले दस्तावेज
घटना के बाद जब परिवार ने सुमन द्वारा दिए गए पहचान पत्र और पते की जांच कराई तो सभी दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। पीड़ित का दावा है कि युवती का नाम, पता और पहचान संबंधी जानकारी पूरी तरह फर्जी निकली।इतना ही नहीं, जिस मैरिज ब्यूरो का दावा नंदू और विकास कर रहे थे, उसकी भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली। दोनों आरोपी भी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
Ratlam Fake Marriage Bureau: पीड़ित प्रितेश रेगा ने पूरे मामले की शिकायत स्टेशन रोड थाना में दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
शादी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामले
यह मामला एक बार फिर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना पर्याप्त सत्यापन के निजी व्यक्तियों या कथित मैरिज ब्यूरो के माध्यम से विवाह तय करते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह से पहले संबंधित व्यक्ति, दस्तावेज और मैरिज ब्यूरो की पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।







