Mahadev Online Betting: रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने की खबर के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। आरोप है कि उसने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था। अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
Mahadev Online Betting: भिलाई में साधारण परिवार से आने वाला सौरभ चंद्राकर कुछ ही वर्षों में कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का प्रमुख चेहरा कैसे बना? दुबई में उसका नेटवर्क कैसे खड़ा हुआ और वह देश-विदेश की जांच एजेंसियों के रडार पर कैसे पहुंचा? जानिए पूरी कहानी 10 अहम बिंदुओं में।
1. भिलाई से शुरू हुआ सफर
सौरभ चंद्राकर का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक सामान्य परिवार में हुआ। उसके पिता भिलाई नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। शुरुआती पढ़ाई भिलाई में ही हुई। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने नौकरी के बजाय छोटा कारोबार शुरू किया और शहर में जूस सेंटर संचालित करने लगा। यहीं से उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
2. दुबई पहुंचकर तैयार किया कथित ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क
साल 2019 में सौरभ चंद्राकर दुबई चला गया। बाद में उसके करीबी रवि उप्पल भी वहां पहुंचे। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नाम से ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तैयार किया।
आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम और चुनावों तक पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी। एजेंसियों का दावा है कि भारत समेत कई देशों में हजारों एजेंटों का नेटवर्क बनाया गया और लेन-देन के लिए बड़ी संख्या में बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ।
3. 200 करोड़ रुपये की चर्चित शादी
फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने दुबई में भव्य शादी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस आयोजन पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
* मेहमानों के लिए प्राइवेट जेट की व्यवस्था
* लग्जरी होटल बुकिंग
* बड़े इवेंट मैनेजमेंट ग्रुप की सेवाएं
* कई बॉलीवुड कलाकारों और गायकों की प्रस्तुति
शादी के वीडियो और तस्वीरें कुछ महीनों बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
4. शादी के बाद तेज हुई ED की जांच
शादी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऐप मामले की जांच तेज कर दी। मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और अवैध सट्टेबाजी से जुड़े आरोपों की जांच के तहत देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी हुई और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Mahadev Online Betting: 5. प्रोटेक्शन मनी और राजनीतिक विवाद
जांच के दौरान ED ने दावा किया कि नेटवर्क को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों तक संरक्षण राशि पहुंचाई जाती थी।
इसी दौरान शुभम सोनी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित संरक्षण राशि दिए जाने का आरोप लगाया गया। ED ने अपनी चार्जशीट में विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने का दावा भी किया। हालांकि, भूपेश बघेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। मामला अभी न्यायिक और जांच प्रक्रिया में है।
Mahadev Online Betting: 6. वानूआतू की नागरिकता लेने का दावा
महादेव ऐप मामले में कार्रवाई तेज होने के बाद सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने कथित तौर पर **रिपब्लिक ऑफ वानूआतू** की नागरिकता हासिल कर ली।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके पासपोर्ट पेश किए गए, जिनके आधार पर कहा गया कि दोनों अब भारतीय नागरिक नहीं हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कानूनी कार्रवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को जटिल बनाने के उद्देश्य से विदेशी नागरिकता ली गई।
Mahadev Online Betting: 7. UAE में हिरासत, लेकिन प्रत्यर्पण नहीं हो सका
अक्टूबर 2024 में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया गया था। भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध भी भेजा, लेकिन कानूनी और प्रक्रियागत कारणों से उसे भारत नहीं लाया जा सका और बाद में वह रिहा हो गया।
8. दुबई में शिव महापुराण कथा का आयोजन
दिसंबर 2024 में दुबई के ली मेरिडियन होटल एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर में तीन दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें सौरभ चंद्राकर अपने परिवार के साथ नजर आया। इस आयोजन के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी हुई, हालांकि इस कार्यक्रम को लेकर कथावाचक से किसी जांच एजेंसी ने पूछताछ नहीं की।
9. दुबई की लग्जरी संपत्तियों पर ED की कार्रवाई
मार्च 2026 में ED ने कार्रवाई करते हुए महादेव ऐप मामले से जुड़ी करीब 1700 करोड़ रुपये की 20 अचल संपत्तियां अटैच कीं।

इनमें शामिल हैं—
* बुर्ज खलीफा का अपार्टमेंट
* दुबई हिल्स एस्टेट के लग्जरी विला
* बिजनेस बे की प्रॉपर्टी
* SLS होटल एंड रेजिडेंसेज की हाई-एंड संपत्तियां
* नई दिल्ली स्थित दो संपत्तियां
ED का आरोप है कि ये संपत्तियां कथित अवैध कमाई से खरीदी गई थीं। एजेंसी के मुताबिक, अब तक कुल **4336 करोड़ रुपये** से अधिक की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।
10. ED, CBI और इंटरपोल समेत कई एजेंसियों के रडार पर
महादेव बेटिंग ऐप मामला अब देश के सबसे चर्चित वित्तीय अपराध मामलों में शामिल माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार—
* ED मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क की जांच कर रही है।
* CBI आपराधिक मामलों और प्रत्यर्पण प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
* इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया।
* UAE के बाद अब ओमान में भी कार्रवाई हुई।
* दुबई की एजेंसियों ने भी भारतीय जांच एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की।
ED के मुताबिक अब तक—
* 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
* 13 गिरफ्तारियां
* 74 आरोपी
* 5 अभियोजन शिकायतें
* 4336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।
Mahadev Online Betting: ED का आधिकारिक बयान
Mahadev Online Betting: 10 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक बयान में प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। एजेंसी ने बताया कि दुबई सहित अन्य देशों में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है और भारत लाने की प्रक्रिया पर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है।







