Hospital Fraud: देवास – खातेगांव के अस्पताल में आयुष्मान योजना का बड़ा फर्जीवाड़ा, गरीब मरीजों को लालच देकर भर्ती का खेल

ospital Fraud: खातेगांव। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में संचालित दिव्या नर्सिंग होम पर आयुष्मान भारत योजना और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कथित फर्जीवाड़े का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। लल्लूराम डॉट कॉम की विशेष पड़ताल में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद ग्रामीणों को महज 1,000 रुपये का लालच देकर अस्पताल लाते हैं। इसके बाद इन स्वस्थ लोगों के नाम पर सरकारी खजाने को चूना लगाने का खेल खेला जाता है।

बिना बीमारी के ही बेड पर लिटाकर खिंचवाई जा रही तस्वीरें

मीडिया की इस जमीनी पड़ताल में यह साफ हुआ है कि जिन ग्रामीणों को कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होती, उन्हें फर्जी मरीज बनाकर अस्पताल के बेड पर जबरन लिटाया जाता है। इसके बाद वहां उनके उपचार करने का झूठा दिखावा किया जाता है और बकायदा तस्वीरें खींची जाती हैं। अस्पताल प्रबंधन इन फर्जी मरीजों के जरूरी पहचान दस्तावेज [Your Documents]*, समग्र आईडी और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी अपने पास जमा करा लेता है। इन निजी दस्तावेजों के सहारे सरकारी पोर्टल पर फर्जी इलाज के हजारों रुपये के क्लेम (दावे) पास कराए जा रहे हैं।

अस्पताल तक फर्जी मरीज लाने में दलालों की मुख्य भूमिका

स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों द्वारा यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि इस पूरे गोरखधंधे को संचालित करने में संगठित दलालों की बड़ी भूमिका है। क्षेत्र के अमजद खान नामक एक व्यक्ति पर सीधे तौर पर यह आरोप लगाया गया है कि वह पैसों का लालच देकर भोले-भाले ग्रामीणों और मरीजों को इस निजी अस्पताल तक खींचकर लाता है। इसके अलावा, इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आ रहा है कि अस्पताल के असली मालिकाना हक और स्वामित्व को लेकर भी प्रबंधन द्वारा प्रशासन को भ्रामक जानकारी दी जा रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

खातेगांव बीएमओ की भूमिका पर भी उठ रहे गंभीर सवाल

सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में किए जा रहे इस बड़े आर्थिक घोटाले में खातेगांव के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. शुभम तिवारी का नाम भी स्थानीय स्तर पर तेजी से चर्चाओं में आ गया है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह निजी अस्पताल अप्रत्यक्ष रूप से खातेगांव के बीएमओ डॉ. शुभम तिवारी का ही है। हालांकि, इस गंभीर संबंध में अब तक कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या विभागीय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग

परिणामस्वरूप, सरकारी योजनाओं के पैसे की इस खुली लूट को लेकर खातेगांव के स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जागरूक ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे संवेदनशील प्रकरण की जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, जनता के पैसों का गबन करने वाले और फर्जीवाड़ा रचने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की गई है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Women Empowerment: जांजगीर: नशेड़ी दूल्हे को मंडप से लौटाने वाली साहसी बेटी को पुलिस ने बनाया महिला काउंसलर

Women Empowerment: गौरी शंकर गुप्ता/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले...

Related Articles

Popular Categories