Tuesday, September 29, 2026
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Women Empowerment: जांजगीर: नशेड़ी दूल्हे को मंडप से लौटाने वाली साहसी बेटी को पुलिस ने बनाया महिला काउंसलर

Women Empowerment: गौरी शंकर गुप्ता/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा अद्भुत व प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जिसने पूरे समाज को एक नई दिशा दिखाई है। विवाह की वेदी पर शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे दूल्हे को देखकर शादी से साफ इनकार करने वाली और बारात को वापस लौटाने वाली क्षेत्र की एक साहसी बेटी को जांजगीर-चांपा पुलिस ने न केवल विशेष सम्मान प्रदान किया है, बल्कि उसे एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सौंपी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने इस जांबाज युवती को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मानित करते हुए ‘परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर’ की महिला काउंसलर (परामर्शदाता) नियुक्त किया है।

सिंदूर रस्म के समय खुली दूल्हे की पोल, दुल्हन ने लिया ऐतिहासिक फैसला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के थाना चांपा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम कोसमंदा का है। यहाँ रहने वाली युवती का विवाह संस्कार आयोजित था। शादी की रस्में आनंदपूर्वक चल रही थीं, लेकिन जैसे ही विवाह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण यानी ‘सिंदूरदान की रस्म’ का समय आया, दुल्हन की नजर दूल्हे पर पड़ी। दूल्हा पूरी तरह से शराब के नशे में आकंठ धुत था और अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। दूल्हे की इस अमर्यादित और नशेडू हालत को देखकर इस साहसी बेटी ने पल भर में अपने आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखते हुए शादी तोड़ने का एक अत्यंत साहसिक निर्णय ले लिया। युवती ने विवाह मंडप में ही फेरे लेने और सिंदूर लगवाने से स्पष्ट मना कर दिया और दूल्हे सहित पूरी बारात को बैरंग वापस लौटा दिया।

समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पुलिस कप्तान ने दी बड़ी जिम्मेदारी

युवती के इस साहसिक, अनुकरणीय और ऐतिहासिक निर्णय की पूरे क्षेत्र के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक सराहना हुई थी। इस सामाजिक संदेश देने वाले कड़े कदम को संज्ञान में लेते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस के कप्तान विजय कुमार पाण्डेय ने बेटी के हौसले को सलाम किया। उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और भविष्य में होने वाले पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण व संवेदनशीलता से समाधान करने में इस युवती की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसे सीधे परिवार परामर्श केंद्र की महिला काउंसलर नियुक्त करने का आदेश जारी किया।

“नशे के विरुद्ध युवती का कदम हर महिला के लिए आत्मगौरव का प्रतीक”

सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशे के खिलाफ और अपने अधिकारों के पक्ष में युवती द्वारा उठाया गया यह व्यावहारिक कदम पूरे समाज के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है। यह घटना देश के युवाओं और महिलाओं को अपने अधिकारों, आत्मसम्मान और गरिमा के प्रति हर परिस्थिति में जागरूक रहने का एक कड़ा संदेश देती है। जब बेटियां इस तरह रूढ़ियों और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खड़ी होंगी, तभी एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज की कल्पना साकार हो सकेगी।

कलेक्ट्रेट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ सम्मान

इस गरिमामयी और गौरवशाली सम्मान समारोह के विशेष अवसर पर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी सतरूपा तारम और थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव सहित क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में युवती को प्रदान किया गया यह गौरव निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक सोच, महिला सुरक्षा और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता को एक नया और मजबूत आयाम देगा।

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