Congress Chintan: नई दिल्ली। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे में एक बहुत बड़े और व्यापक फेरबदल की आहट सुनाई देने लगी है। अखिल भारतीय कांग्रेस संगठन में संभावित बदलावों से ठीक पहले पार्टी के शीर्ष और सबसे अनुभवी वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता अचानक बेहद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को देश की राजधानी दिल्ली में 10 जनपथ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पार्टी के कई बेहद अनुभवी और दिग्गजों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गोपनीय बैठक की। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन में आमूल-चूल बदलाव और कांग्रेस को दोबारा जमीनी स्तर पर मजबूत व धारदार बनाने की भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई है।
10 जनपथ पहुंचे राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत सहित कई दिग्गज
सोनिया गांधी के बुलावे पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए देश भर से कांग्रेस के वरिष्ठ चेहरे दिल्ली पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी, मुकुल वासनिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और महिला नेत्री यामि याग्निक सहित कई पुराने सिपहसालार शामिल रहे। पार्टी के शीर्ष और विश्वसनीय सूत्रों का साफ कहना है कि 10 जनपथ पर हुई यह बैठक केवल कोई सामान्य या औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी, बल्कि आने वाले समय में कांग्रेस के राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर पर होने वाले संगठनात्मक बदलावों की अंतिम दिशा तय करने के लिहाज से बेहद गंभीर और निर्णायक मानी जा रही है।
सोनिया गांधी को सौंपी गई विभिन्न राज्यों की सीक्रेट रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के मौजूदा ज्वलंत राजनीतिक घटनाक्रमों पर सभी वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन और विस्तृत फीडबैक लिया। इसके साथ ही वर्तमान संगठन में किए जा रहे सुधारों को दोबारा जमीनी स्तर पर लागू करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को पूर्णतः सक्रिय करने के तौर-तरीकों पर भी गहरा नीतिगत मंथन हुआ। बैठक में उपस्थित सभी अनुभवी नेताओं ने सोनिया गांधी को अलग-अलग राज्यों के ताजा राजनीतिक समीकरणों, आगामी चुनावों के परिदृश्य और वहां के स्थानीय संगठन की मौजूदा स्थिति पर अपनी गोपनीय ग्राउंड रिपोर्ट भी सौंपी। इसके अलावा, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर प्रभावी ढंग से जनता के बीच उतरने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।
सड़क से सदन तक मोदी सरकार को घेरने का खाका तैयार
पार्टी के कोर ग्रुप के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी के समक्ष अपनी स्पष्ट राय रखी कि कांग्रेस को अब संसद से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक लगातार सक्रिय भूमिका में बने रहना होगा। नेताओं का मानना था कि आम जनता के बुनियादी मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय समस्याओं को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ उठाकर ही कांग्रेस अपनी राजनीतिक धार को फिर से तेज और प्रासंगिक कर सकती है। इसके लिए पार्टी के फ्रंटल संगठनों को भी ज्यादा आक्रामक और जवाबदेह बनाने की बात कही गई है, ताकि केंद्र सरकार पर चौतरफा दबाव बनाया जा सके।
पुराने और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कवायद, जल्द बनेगी नई कमेटी
इस मैराथन बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि कांग्रेस में प्रस्तावित आगामी सांगठनिक फेरबदल के तहत पुराने और अनुभवी नेताओं की संगठनात्मक भूमिका को और अधिक बढ़ाया जा सकता है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अब पुराने दिग्गजों के प्रशासनिक अनुभव और युवा नेताओं की ऊर्जा के बीच एक सटीक संतुलन बनाकर नई जिम्मेदारियां तय करने की अंतिम तैयारी में है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस संतुलन को धरातल पर उतारने और नए पदाधिकारियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा जल्द ही एक नई उच्च स्तरीय विशेष समिति के गठन पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।







