ACB-EOW Raid: बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज (20 जून 2026) एक बार फिर बड़ा एक्शन देखने को मिला है। बलौदाबाजार जिले में शनिवार सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रसूखदार शराब कारोबारी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह अचानक हुई कार्रवाई शहर के पॉश इलाके कान्हा विहार स्थित शराब कारोबारी ‘अहिंदर’ के निजी निवास सहित उससे जुड़े अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की गई है। इस कार्रवाई से पूरे जिले के व्यापारी वर्ग और आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
सुबह ही कान्हा विहार पहुंची संयुक्त टीम, घंटों चली पूछताछ
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी और ईओडब्ल्यू की गाड़ियां सुबह-सुबह ही कान्हा विहार स्थित कारोबारी के बंगले पर पहुंच गई थीं। टीम के अचानक पहुंचने से कारोबारी के परिजनों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। अधिकारियों ने सुरक्षा घेरा तैयार कर तत्काल घर के भीतर सर्चिंग शुरू की। इस दौरान कारोबारी अहिंदर से बंद कमरे में कई घंटों तक पूछताछ की गई। इसके साथ ही उसके वित्तीय लेनदेन से जुड़े बैंक दस्तावेज, डायरियां, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, डिजिटल लॉकर और अन्य गुप्त रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई, जो दोपहर बाद तक लगातार जारी रही।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े हो सकते हैं तार
सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां इस पूरी कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जोड़कर देख रही हैं। जांच दल ने कारोबारी के पिछले कुछ वर्षों के आय-व्यय, विभिन्न बैंक खातों में हुए करोड़ों के ट्रांजैक्शन, व्यावसायिक साझीदारों और राजनीतिक संपर्कों की विस्तृत पड़ताल की है। छापेमारी के दौरान कई ऐसे संदिग्ध और अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिन्हें ईओडब्ल्यू की टीम ने विधिवत पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया है और उन्हें आगे की स्क्रूटनी के लिए अपने साथ रायपुर मुख्यालय ले गई है।
आबकारी अधिकारी पर पहले ही दर्ज हो चुका है केस
गौरतलब है कि बलौदाबाजार जिले में कुछ समय पहले ही आबकारी विभाग के एक बड़े अधिकारी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज हो चुका है। ऐसे में इस स्थानीय शराब कारोबारी के घर हुई इस बड़ी छापेमारी को उस कड़ी का ही एक हिस्सा माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जब्त दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद इस मामले में कई अन्य सफेदपोशों और विभागीय अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर कारोबारी के घर के बाहर पुलिस बल तैनात है और मामले की गहन विवेचना जारी है।









