Bhopal Terror Module 2026: भोपाल: मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने राजधानी भोपाल में सक्रिय एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का मुख्य चेहरा 56 वर्षीय आतंकी इजहार उल हक था, जो सीधे पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और उसका सबसे करीबी माना जाता था। पाकिस्तान से मिलने वाले तमाम देशविरोधी टास्क और संदेशों को अन्य आरोपियों तक पहुंचाने का जिम्मा उसी के पास था। इजहार ने नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों को शहर में एक मजबूत स्लीपर सेल तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंप रखी थी।
कोचिंग की आड़ में युवाओं का ब्रेन वॉश जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का एक अन्य आरोपी फराज, भोपाल में कुरान की कोचिंग क्लास चलाता था। लेकिन इस धार्मिक शिक्षा की आड़ में उसका असली मकसद मासूम और भटके हुए युवाओं का ब्रेन वॉश करना और उन्हें इस देशविरोधी नेटवर्क से जोड़ना था। एटीएस के मुताबिक, इस मॉड्यूल के सभी आरोपी एक-दूसरे के लगातार संपर्क में थे और किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
मोबाइल डेटा खोलेगा नेटवर्क के राज एटीएस ने इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनके डिजिटल डेटा को रिकवर करने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों और चैट हिस्ट्री के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों और संदिग्धों की पहचान हो सकेगी। इस सिलसिले में पूछताछ के लिए एटीएस जल्द ही कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में ले सकती है।
22 जून तक एटीएस की रिमांड पर मुख्य आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मुख्य आरोपी आतंकी इजहार उल हक को 22 जून तक के लिए एटीएस की रिमांड पर सौंप दिया है। वहीं, नेटवर्क के अन्य तीन सदस्य नईम कुरैशी, अब्दुल्ला और शाकिर मेव 20 जून तक पुलिस रिमांड पर हैं। एटीएस की टीम इनसे बंद कमरे में कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इनके आगामी मंसूबों और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा सके।









