Rewa Buffalo Theft Controversy: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में रीवा भैंस चोरी विवाद ने कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योंथर क्षेत्र के सोहागी थाना इलाके में कुछ ग्रामीणों ने भैंस चोरी के शक में पिकअप सवार संदिग्ध युवकों को रोक लिया और उन्हें बंधक बनाकर मारपीट कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, रीवा भैंस चोरी विवाद की घटना कोटरा खुर्द गांव के पास हुई। बताया जा रहा है कि एक पिकअप वाहन में आधा दर्जन से ज्यादा भैंसों को लेकर कुछ लोग जवा क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के शंकरगढ़ की ओर जा रहे थे।रास्ते में ग्रामीणों को वाहन और उसमें ले जाई जा रही भैंसों पर शक हुआ। इसके बाद गांव वालों ने पिकअप को रोक लिया और वाहन में सवार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
संदेह बढ़ने पर युवकों को बंधक बनाकर की मारपीट
ग्रामीणों को जब भैंसों के परिवहन को लेकर संदेह हुआ तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। रीवा भैंस चोरी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए संदिग्ध युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी।वायरल वीडियो में कुछ लोग युवकों को घेरकर लात-घूंसों से मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद अन्य लोग घटना का वीडियो बनाते रहे।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस रीवा भैंस चोरी विवाद में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सूचना मिलने के बाद सोहागी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।हालांकि आरोप है कि पुलिसकर्मी काफी देर तक स्थिति को नियंत्रित करने में सक्रिय नहीं दिखे और लोगों के बीच मारपीट होती रही। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर युवकों को भीड़ से अलग किया और उन्हें सुरक्षित थाने पहुंचाया।
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वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद रीवा भैंस चोरी विवाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।कुछ लोग भैंस चोरी की आशंका पर नाराजगी जता रहे हैं, जबकि कई लोग बिना जांच के किसी के साथ हिंसा करने और कानून हाथ में लेने को गलत बता रहे हैं।
जांच में जुटी पुलिस, सभी पहलुओं की होगी पड़ताल
सोहागी थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और वाहन से जुड़ी जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भैंसों के परिवहन से जुड़े दस्तावेज सही थे या नहीं और मारपीट करने वाले लोगों की भूमिका क्या रही।
कानून अपने हाथ में लेना पड़ सकता है भारी
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आपराधिक संदेह की स्थिति में सूचना पुलिस को देना ही उचित तरीका है। रीवा भैंस चोरी विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़ द्वारा खुद फैसला लेना कितनी बड़ी समस्या बन सकता है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भैंसों को ले जाने वाले लोग दोषी थे या नहीं और मारपीट करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी।









