CG Monsoon Update: रायपुर: छत्तीसगढ़ में तपती गर्मी से राहत पाने और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को अभी कुछ दिन और सबर करना होगा। मौसम विभाग से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, प्रदेश में आगे बढ़ रहे मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी पड़ गई है। इसके चलते अब मानसून के 18 से 20 जून के बाद ही बस्तर संभाग के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्री-मानसून एक्टिविटी के कारण अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अंधड़, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसमी परिस्थितियों में बदलाव से हुई देरी
मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी कंचिभोटला ने बताया कि वर्तमान में मौसमीय परिस्थितियों में आए आंशिक बदलाव के कारण मानसून की प्रगति की गति थोड़ी सुस्त हुई है। अनुकूल सिस्टम न बनने से इसके आगमन में कुछ दिनों का विलंब हो रहा है। उन्होंने साझा किया कि वर्तमान संकेतों को देखते हुए 20 जून के बाद बस्तर में मानसून सक्रिय होगा और फिर धीरे-धीरे यह उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ेगा। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष मानसून ने काफी जल्दी यानी मई महीने में ही छत्तीसगढ़ में एंट्री मार ली थी, जिसकी तुलना में इस बार देरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती देरी से पूरे सीजन की कुल वर्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
25 जून के बाद झमाझम बारिश, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जून के बाद परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी, जिससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में व्यापक और मूसलाधार बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। जून के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह तेज बारिश कृषि क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित होगी, क्योंकि इसी के साथ खरीफ फसलों की बुवाई का काम खेतों में तेजी पकड़ेगा। फिलहाल किसान और कृषि विभाग दोनों की निगाहें आसमान पर टिकी हुई हैं।
अगले 5 दिनों तक वज्रपात और अंधड़ की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं (अंधड़) के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका है। राजधानी रायपुर में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और शाम के वक्त गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बादलों और छिटपुट बारिश से उमस और गर्मी से आंशिक राहत मिलती रहेगी। विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।









