SFHR 8th Anniversary: गौरी शंकर गुप्ता/छाल/रायपुर: मानव अधिकारों की रक्षा और सामाजिक चेतना के प्रसार में समर्पित अग्रणी संस्था ‘सोशल फोरम ऑफ ह्यूमन राइट्स’ (SFHR) ने अपने सफर के शानदार आठ वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस गौरवशाली अवसर पर एक भव्य राष्ट्रीय वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर के शीर्ष राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का कुशल संचालन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि आज फोरम जिस ऊंचाई पर है, वह सभी सदस्यों की निस्वार्थ सेवा और कड़े परिश्रम का परिणाम है। इस बैठक में आठ राज्यों के पदाधिकारियों की मौजूदगी संस्था की देशव्यापी मजबूती को दर्शाती है।
19 प्रमुख सामाजिक और कानूनी परियोजनाओं को किया सफल
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 8 वर्षों में संस्था ने देश के नामचीन कानूनी विशेषज्ञों (Legal Experts) और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के समन्वय से आम जनता को जागरूक करने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशालाएं और अभियान चलाए हैं। इनमें मुख्य रूप से:
- सूचना का अधिकार (RTI), शिक्षा का अधिकार, और बाल मजदूरी के विरुद्ध बच्चों के अधिकार।
- किशोर न्याय (Juvenile Justice), पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) और बच्चों की सुरक्षा।
- पारिवारिक विवादों का निपटारा, आपराधिक कानून में नागरिकों व कैदियों के अधिकार।
- महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और “Choose to Challenge” अभियान।
- साइबर अपराध से सुरक्षा, डिजिटल पैरेंटिंग, कोविड-19 जागरूकता और मौलिक अधिकारों की व्याख्या।
- वकीलों के लिए बनेगा राष्ट्रीय लीगल सेल, यूपी-महाराष्ट्र संगठन के होंगे दो भाग
संस्था की कार्यप्रणाली को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ‘राष्ट्रीय स्तर पर लीगल सेल’ के गठन की घोषणा की। इसमें संस्था से जुड़े सभी एडवोकेट सदस्य शामिल होंगे, जिसका संचालन एक चेयरपर्सन और सचिव द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रदेश और जिला अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से हर महीने बैठक आयोजित कर केंद्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। संगठन के सुचारू संचालन के लिए भौगोलिक रूप से बड़े राज्यों जैसे महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को सांगठनिक दृष्टि से दो अलग-अलग भागों में विभाजित करने का निर्णय भी लिया गया है।
महामंत्रियों और कोषाध्यक्ष ने प्रस्तुत की प्रगति व वित्तीय रिपोर्ट
बैठक के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री एम. वहीद सिद्दीकी ने सेक्रेटरी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संस्था की जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) प्रतिवर्ष 14 जून को स्थापना दिवस पर और गवर्निंग काउंसिल मीटिंग (GCM) हर साल 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस पर नियमित रूप से आयोजित की जाती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 का ऑडिट पूरा हो चुका है और वर्ष 2025-26 की ऑडिट प्रक्रिया जारी है, जिसकी रिपोर्ट नवंबर 2026 की आगामी बैठक में रखी जाएगी। यह पूरा कार्य महाराष्ट्र के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल के मार्गदर्शन में हो रहा है। इसके साथ ही संस्था अब भारत सरकार के ‘एनजीओ दर्पण’ (NGO DARPAN) पोर्टल पर भी सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुकी है।
वहीं, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष (Treasurer) शेखर शेल्के ने सालभर के आय-व्यय का ब्यौरा देते हुए सदस्यता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 12A और 80G के तहत टैक्स छूट की मान्यता प्राप्त करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को सभी दस्तावेज सौंप दिए गए हैं, जिसकी मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद है।
बैठक में इन प्रमुख दिग्गजों ने रखे विचार
इस राष्ट्रीय विमर्श में दिल्ली के अध्यक्ष रविंद्र तोमर, महाराष्ट्र अध्यक्ष नितिन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गणपत चौहान, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजकुमार चौहान, ओडिशा के अध्यक्ष रमेश मिश्रा, राजस्थान के अध्यक्ष गणेश शर्मा सहित उत्तर प्रदेश के सचिव अमित पांडे, छत्तीसगढ़ के सचिव तनवीर अहमद, राम अवतार शर्मा, बुधराम अग्रवाल और भीमराव शेगांवकर ने भी अपने विचार साझा किए।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए महाराष्ट्र के सचिव सफदर सिद्दीकी ने गाजियाबाद में सफल ब्लड डोनेशन कैंप के लिए यूपी अध्यक्ष राजकुमार चौहान का आभार जताया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए उन्होंने रेल मंत्री और महाराष्ट्र के संबंधित मंत्रियों को फुट ओवर ब्रिज (FOB) निर्माण हेतु पत्र लिखा है।









