Indore Robbery Case: इंदौर। इंदौर के पंडरीनाथ थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई 29 लाख 65 हजार रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि भारतीय सेना से रिटायर्ड एक पूर्व सैनिक निकला। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी के कलेक्शन सिस्टम की पूरी रेकी की, लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी जुटाई और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
Indore Robbery Case: मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि लूट की वारदात के बाद आरोपी सीधे राजस्थान स्थित प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे और वहां भगवान के चरणों में 1 लाख 11 हजार रुपये का चढ़ावा भी चढ़ाया। लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। आखिरकार कई राज्यों में पीछा करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
24 मई को दिनदहाड़े हुई थी लाखों की लूट
Indore Robbery Case: घटना 24 मई की है, जब स्क्रैप कारोबारी मुकुल अग्रवाल की कलेक्शन एजेंसी का कर्मचारी रोजाना की तरह विभिन्न स्थानों से राशि एकत्रित कर रहा था। इसी दौरान बदमाशों ने कर्मचारी को निशाना बनाकर 29 लाख 65 हजार रुपये से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
Indore Robbery Case: घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। इतनी बड़ी रकम की लूट ने पुलिस महकमे को भी चुनौती दे दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई।
सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच से खुला राज
Indore Robbery Case: पुलिस ने वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की गई। लगातार कई दिनों तक चली जांच के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
Indore Robbery Case: जांच में सामने आया कि इस लूट की साजिश रिटायर्ड आर्मीमैन चंद्रशेखर मुकाती ने रची थी। चंद्रशेखर सीधे तौर पर स्क्रैप कारोबारी मुकुल अग्रवाल के यहां काम नहीं करता था, लेकिन एक अन्य कारोबारी के यहां नौकरी के दौरान उसे मुकुल अग्रवाल के व्यवसाय, कलेक्शन एजेंसी की कार्यप्रणाली और लाखों रुपये के नियमित लेनदेन की जानकारी मिल गई थी।
आर्थिक तंगी और लग्जरी लाइफ का शौक बना अपराध की वजह
Indore Robbery Case: पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। इसके अलावा महंगे शौक और आलीशान जीवनशैली जीने की चाहत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया।
Indore Robbery Case: चंद्रशेखर ने अपने साथियों प्रवीण और अमर को साथ लेकर पूरी योजना तैयार की। कई दिनों तक रेकी करने के बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और बड़ी रकम लेकर फरार हो गए।
लूट के बाद पहुंचे सांवरिया सेठ मंदिर
Indore Robbery Case: वारदात के बाद आरोपी सीधे राजस्थान स्थित प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान के चरणों में 1 लाख 11 हजार रुपये का चढ़ावा अर्पित किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी यह मानकर चल रहे थे कि धार्मिक आस्था के जरिए उन्हें मानसिक संतोष मिलेगा और शायद उनका अपराध छिपा रहेगा।
Indore Robbery Case: लेकिन पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ती रही और आरोपियों की लोकेशन एक के बाद एक सामने आती गई।
कई राज्यों में घूमते रहे आरोपी
Indore Robbery Case: लूट के बाद आरोपी मध्य प्रदेश छोड़कर महाराष्ट्र, राजस्थान और अन्य राज्यों में घूमते रहे। पुलिस टीमों ने लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। कई दिनों तक चली निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
लूट की रकम से खरीदी कार
Indore Robbery Case: जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने लूट की रकम से करीब ढाई लाख रुपये की एक कार खरीदी थी। पुलिस ने इस कार को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा खर्च की गई रकम और अन्य खरीदारी की भी जांच की जा रही है।
22.50 लाख रुपये नकद बरामद
Indore Robbery Case: पुलिस ने अब तक लूटी गई रकम में से 22 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा कई दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। शेष राशि की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई
Indore Robbery Case: पुलिस जांच में फिरोज और कपिल भंडारी के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि दोनों सीधे तौर पर लूट की साजिश या वारदात में शामिल नहीं थे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने घटना के बाद आरोपियों को संरक्षण दिया और उनके साथ विभिन्न स्थानों पर घूमते रहे। इसी आधार पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
Indore Robbery Case: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और साइबर ट्रैकिंग की मदद से पूरे गिरोह तक पहुंचना संभव हो सका।
Indore Robbery Case: फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों का संबंध किसी अन्य आपराधिक गिरोह या वारदात से तो नहीं रहा है।
Indore Robbery Case: यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी और योजना के साथ क्यों न किया जाए, कानून के हाथ अंततः अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।









