School Chale Hum Indore: इंदौर। स्कूल केवल किताबों, कक्षाओं और परीक्षाओं का नाम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सपनों को आकार देने और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की पहली सीढ़ी भी है। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित “स्कूल चले हम अभियान” का शुभारंभ पूरे उत्साह के साथ किया गया। इंदौर में आयोजित प्रवेश उत्सव के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने शिक्षा और प्रशासन के मानवीय पक्ष को नई पहचान दी।
School Chale Hum Indore: शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में उस समय भावुक और प्रेरणादायक माहौल बन गया, जब कलेक्टर शिवम वर्मा मंच से उतरकर सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए। उन्होंने कुर्सी की औपचारिकता छोड़ जमीन पर बैठकर विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया। बच्चों की जिज्ञासाओं को गंभीरता से सुना, उनके सवालों के जवाब दिए और उन्हें तनावमुक्त होकर अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दी।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया गया स्वागत
School Chale Hum Indore: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर आयोजित प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित कर उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
School Chale Hum Indore: कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्कूल में प्रवेश दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना भी था।
बच्चों के सवाल, कलेक्टर के प्रेरणादायक जवाब
School Chale Hum Indore: संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने बिना किसी झिझक के पढ़ाई, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, तनाव प्रबंधन, स्किल डेवलपमेंट, उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीकों से जुड़े सवाल पूछे।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों से कहा कि—
“परीक्षा में मिलने वाले अंक ही सफलता का अंतिम पैमाना नहीं होते। सीखने की इच्छा, मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ाते हैं।”
School Chale Hum Indore: उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानें और बिना किसी मानसिक दबाव के पढ़ाई करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी हुई चर्चा
School Chale Hum Indore: कार्यक्रम के दौरान कई विद्यार्थियों ने अंग्रेजी में सवाल पूछकर अपना आत्मविश्वास प्रदर्शित किया। वहीं एक छात्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर प्रश्न किया।
School Chale Hum Indore: इस पर कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक का युग है और विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी लेकर खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में तकनीकी दक्षता युवाओं की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
शिक्षकों की भूमिका पर दिया विशेष जोर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि—
“एक अच्छा शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
विद्यार्थियों की प्रतिभा ने जीता दिल
School Chale Hum Indore: कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता भी देखने को मिली। एक छात्र ने अपनी लिखी पुस्तक “युवाओं के गांधी” कलेक्टर को भेंट की, जबकि दूसरे छात्र ने उनका आकर्षक स्केच बनाकर उपहार स्वरूप प्रदान किया।
बच्चों की इस प्रतिभा और आत्मविश्वास ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।
शिक्षा के साथ आत्मविश्वास का भी अभियान
School Chale Hum Indore: “स्कूल चले हम अभियान” केवल बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने की पहल नहीं है, बल्कि यह उन्हें शिक्षा, आत्मविश्वास, संस्कार और बेहतर भविष्य से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है।
इस अभियान का संदेश स्पष्ट है—
School Chale Hum Indore: हर बच्चा स्कूल पहुंचे, हर बच्चा पढ़े, हर बच्चा आगे बढ़े और अपने सपनों को साकार करे।
School Chale Hum Indore: इंदौर में प्रवेश उत्सव के दौरान सामने आई यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी बातें सुनता है, तो शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि प्रेरणा और विश्वास का माध्यम बन जाती है।









