MP Jail Transfer List: भोपाल: मध्यप्रदेश जेल विभाग में लंबे इंतजार और प्रशासनिक समीक्षा के बाद मंगलवार को जेल अधीक्षकों और डिप्टी जेलरों के बड़े पैमाने पर तबादले कर दिए गए हैं। जेल मुख्यालय द्वारा जारी इस बंपर तबादला सूची के तहत प्रदेश के कई अति-संवेदनशील और बड़े केंद्रीय कारागारों (सेंट्रल जेल) के कप्तानों को बदल दिया गया है। प्रशासनिक कसावट और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिहाज से जारी की गई इस सूची में कई विवादित और हाल ही में सुर्खियों में रहे जेलों के अधिकारियों को हटाकर लूप लाइन में भेजा गया है। इस बड़े फेरबदल में जेल अधीक्षकों के साथ-साथ 20 डिप्टी जेलर भी इधर से उधर किए गए हैं।
भोपाल में मानवेंद्र सिंह, दिनेश नरगावे को इंदौर की कमान
तबादला सूची के मुख्य आकर्षणों की बात करें तो प्रदेश की राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब मानवेंद्र सिंह परिहार को सौंपी गई है, वे भोपाल सेंट्रल जेल के नए अधीक्षक होंगे। वहीं, दिनेश नरगावे को इंदौर सेंट्रल जेल का नया कप्तान बनाया गया है। इंदौर केंद्रीय जेल की वर्तमान अधीक्षक अलका सोनकर को वहां से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है; उन्हें जेल मुख्यालय भोपाल में अटैच (संबद्ध) किया गया है, जिसे प्रशासनिक हलकों में एक बड़ी गाज माना जा रहा है।
‘ग्वालियर ड्रग्स कांड’ के बाद विदित सरवैया हटाए गए
ग्वालियर सेंट्रल जेल में पिछले दिनों सामने आए सुरक्षा चूक के मामले ने विभाग की राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी कराई थी। जेल की बैरक के भीतर से नशा तस्करी और कैदियों द्वारा ड्रग्स लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस गंभीर मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए ग्वालियर जेल अधीक्षक विदित सरवैया को पद से हटा दिया गया है। उन्हें वापस शिवपुरी जिला जेल भेज दिया गया है, जहां से वे पदोन्नत या स्थानांतरित होकर ग्वालियर आए थे। अब ग्वालियर सेंट्रल जेल के नए अधीक्षक की जिम्मेदारी राकेश भांगरे को सौंपी गई है, जिनके सामने जेल की छवि सुधारने की बड़ी चुनौती होगी।
गोहद उपजेल में बंदी फरार होने का एक्शन
इस प्रशासनिक सर्जरी की जद में भिंड जिले की गोहद उपजेल भी आई है। यहाँ पिछले 9 सालों से लंबे समय से जमीं डिप्टी जेलर हेम सरिता मिंज को आखिरकार हटा दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही गोहद जेल से ‘पॉक्सो एक्ट’ (POCSO Act) का एक गंभीर और शातिर बंदी दिनदहाड़े जेल प्रहरियों को चकमा देकर फरार हो गया था। इस गंभीर लापरवाही और जेल सुरक्षा में सेंध के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए हेम सरिता मिंज को गोहद से हटाकर ग्वालियर सेंट्रल जेल ट्रांसफर कर दिया है।
20 डिप्टी जेलरों के भी बदले कार्यक्षेत्र
जेल मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल केवल उच्च पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 20 डिप्टी जेलरों का भी ट्रांसफर किया गया है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जेलों के भीतर अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए आने वाले दिनों में कुछ और कड़े सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के बाद से प्रदेश के जेल महकमे में हड़कंप का माहौल है।









