Sanjay Baghel Death: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कोतरारोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आबकारी मामले में गिरफ्तार किए गए बंदी संजय बघेल की आकस्मिक मृत्यु के मामले में जिला पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष सामने रखा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कोतरारोड थाना परिसर के डिजिटल एविडेंस (CCTV फुटेज) मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा किए, जिसमें पुलिस अभिरक्षा के दौरान आरोपित के साथ किया गया संवेदनशील और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए रुपयों के लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी ने दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम नवापारा निवासी संजय बघेल (32 वर्ष) की दिनांक 13 जून 2026 को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी, जिसकी जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा न्यायिक जांच की जा रही है।
पुलिस ने जारी किया संपूर्ण घटनासमयचक्र (Timeline)
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले में तथ्यों की स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 10 जून 2026 को हुई शराब रेड की कार्रवाई से लेकर आरोपी के जेल दाखिल होने तक का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया है:
-
प्रातः 11:00 बजे (मुखबिर सूचना): कोतरारोड पुलिस को अरसीपाली चौक के पास अवैध महुआ शराब होने की सूचना मिली। प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान गवाहों के साथ मौके पर पहुंचे।
-
दोपहर 12:43 बजे (थाना आमद): आरोपी संजय बघेल के कब्जे से 30 लीटर कच्ची महुआ शराब जप्त कर उसे विधिवत थाने लाया गया और परिजनों को सूचना दी गई।
-
दोपहर 14:15 बजे (विधिवत गिरफ्तारी): संजय के भाई अजय बघेल और रिश्तेदार राकेश बघेल की मौजूदगी में आबकारी अधिनियम के तहत उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।
-
दोपहर 14:21 बजे (CCTV फुटेज साक्ष्य): फुटेज में साफ दिख रहा है कि संजय को बंदीगृह के बाहर सामान्य रूप से बैठाया गया, उसे पीने का पानी और भोजन दिया गया। वह पुलिस की निगरानी में अपने परिजनों से भी बातचीत करता नजर आ रहा है।
-
शाम 16:35 बजे (मेडिकल और कोर्ट रवानगी): संजय बघेल को चिकित्सीय परीक्षण (MCU) और कोर्ट रिमांड के लिए रवाना किया गया। मेडिकल जांच में डॉक्टर ने उसे पूरी तरह ‘फिट’ बताया और संजय ने भी किसी प्रकार की चोट या शारीरिक तकलीफ की शिकायत नहीं की।
-
शाम 18:30 बजे (जेल दाखिला): परिजनों की मौजूदगी में संजय बघेल को सुरक्षित जेल दाखिल करा दिया गया।
मारपीट के आरोप निराधार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटें मृत्यु का कारण नहीं
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान कहीं भी संजय बघेल के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या मारपीट नहीं की गई है। थाना परिसर में मारपीट किए जाने संबंधी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इसके अलावा, मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी प्राप्त हो चुकी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटें उसकी मृत्यु का कारण नहीं हैं। मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए डॉक्टरों की राय पर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और विसरा परीक्षण (Visceral Test) कराया जा रहा है।
रुपयों के लेन-देन की शिकायत पर दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
भले ही पुलिस ने मारपीट के आरोपों को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया हो, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा आबकारी प्रकरण में अवैधानिक रूप से रुपये लेने की शिकायत को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रकरण के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू एवं हमराह आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच (Line Attach) कर दिया गया है। इस वित्तीय अनियमितता की शिकायत की विस्तृत और निष्पक्ष जांच डीएसपी (मुख्यालय) द्वारा की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अंत में कहा कि इस पूरे मामले की वैधानिक न्यायिक जांच जारी है, जिसके बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी। रायगढ़ जिला पुलिस इस न्यायिक जांच में पूरी तरह से सहयोग प्रदान कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









