Deputy CM Arun Sav Action:रायपुर : छत्तीसगढ़ में सड़कों और पुलों के निर्माण में चल रही सुस्ती पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के कड़े तेवरों के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लेटलतीफी और लापरवाही के आरोप में दो ठेकेदारों के पंजीयन आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि काम में ढिलाई बरतने वाले आठ अन्य ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Deputy CM Arun Sav Action:यह पूरी कार्रवाई डिप्टी सीएम अरुण साव के पिछले सप्ताह हुए बस्तर प्रवास के बाद हुई है। चार दिनों के दौरे के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की जमीनी समीक्षा की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों का काम तय समय से काफी पीछे पाया गया, जिस पर उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों के प्रति गहरी नाराजगी जताई थी।
Deputy CM Arun Sav Action:पुल निर्माण में देरी पर इन ठेकेदारों के लाइसेंस हुए रद्द
Deputy CM Arun Sav Action:विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण की बेहद धीमी गति को देखते हुए मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो साल के लिए रद्द कर दिया है। यह कंपनी कोंडागांव के घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग, भवरडींग नदी और कबीरधाम जिले की हॉफ नदी पर पुल का निर्माण कर रही थी। इसके अलावा कांकेर जिले के नेरूल नदी और डुमरीकेल नाला पर पुल निर्माण में लेटलतीफी के कारण ठेकेदार निर्भय राम साहू का पंजीयन भी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि बार-बार नोटिस देने के बाद भी इन ठेकेदारों के काम में कोई सुधार नहीं हुआ।
Deputy CM Arun Sav Action:सुकमा और नारायणपुर में सड़क निर्माण की धीमी गति पर मांगी रिपोर्ट
Deputy CM Arun Sav Action:नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण में देरी पर ठेकेदार पंकज हालदार और सुकमा के दो अलग-अलग सड़क निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर ठेकेदार आशीष भदौरिया को पहले ही नोटिस दिया गया था। अब उनके जवाबों की जांच कर अंतिम कार्रवाई के लिए बस्तर के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मांगा गया है।
Deputy CM Arun Sav Action:इन आठ ठेकेदारों को थमाया गया कारण बताओ नोटिस
Deputy CM Arun Sav Action:काम की प्रगति निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने के चलते लोक निर्माण विभाग ने आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बीएमएस प्रोजेक्ट, कोंडागांव के मेसर्स सुराना एंड कंपनी और जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एसके अरोरा शामिल हैं। इसके अलावा सुकमा जिले के चिंतलनार-मरियागुड़म, कोंटा-गोलापल्ली और भेज्जी-चिंतागुफा सड़कों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा, मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और गोविन्द्र सिंह देशमुख को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके पहले 10 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में देरी पर मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को भी चेतावनी भरा नोटिस दिया गया था।
Deputy CM Arun Sav Action:काम में लेटलतीफी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: अरुण साव
Deputy CM Arun Sav Action:इस बड़ी कार्रवाई पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तय समय पर काम पूरा न होने से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस्तर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी देना हमारा मुख्य लक्ष्य है, इसलिए अनुबंध के नियमों का पालन न करने वाले और ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।









